Edited By Sahil Kumar,Updated: 23 Oct, 2026 11:51 AM

कांग्रेस ने चीन के साथ भारत के बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 'मेक इन इंडिया' अब 'इम्पोर्ट फ्रॉम चाइना' बन गया है तथा रिकॉर्ड व्यापार घाटा देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा खतरा है।
नई दिल्लीः कांग्रेस ने चीन के साथ भारत के बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 'मेक इन इंडिया' अब 'इम्पोर्ट फ्रॉम चाइना' बन गया है तथा रिकॉर्ड व्यापार घाटा देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा खतरा है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि चीन के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ''सोची-समझी रियायतों'' के बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के आमने-सामने आने की हालिया घटनाओं में इस सुरक्षा बल के कामकाज की सराहना की है, लेकिन प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने इस विषय पर ''चुप्पी'' साध रखी है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले महीने तक्सिंग में आमने-सामने आने की घटना के बाद अरुणाचल प्रदेश के वाचा और दमाई में कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने लद्दाख की तरह एक बार फिर कुछ गश्ती बिंदुओं तक पहुंच प्रभावित होने की बात कही है।
रमेश ने यह भी कहा कि चीन अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों का नाम बदलता रहा है और 60,000 मेगावाट क्षमता का बांध बना रहा है, जो भारत की पारिस्थितिक और जल सुरक्षा के लिए खतरा है। उनका कहना है कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 112 अरब डॉलर हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 99 अरब डॉलर था।
रमेश ने आरोप लगाया, ''मेक इन इंडिया अब इम्पोर्ट फ्रॉम चाइना बन गया है। यह भारी व्यापार घाटा अपने आप में हमारी आर्थिक सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है।'' उन्होंने कहा कि चीन से बड़े पैमाने पर आयात के कारण कई क्षेत्रों में देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कांग्रेस महासचिव ने जून, 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की एक टिप्पणी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद 19 जून, 2020 को प्रधानमंत्री ने कहा था, ''न कोई वहां हमारी सीमा में घुस आया है और न ही कोई घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है।'' रमेश ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे के हवाले से यह दावा भी किया कि लद्दाख में चीनी गतिविधियों के समय उन्हें शीर्ष स्तर से केवल यह निर्देश मिला था कि ''जो उचित समझो वो करो।''
कांग्रेस नेता ने जुलाई, 2025 में तत्कालीन उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह की उन सार्वजनिक टिप्पणियों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से मिली मदद की बात की थी।
रमेश ने दावा किया कि इसके बाद अगस्त, 2026 में पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने सार्वजनिक रूप से इन टिप्पणियों से अलग रुख व्यक्त किया और बाद में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तंत्र' से जुड़े एक थिंक टैंक से संबद्ध हो गए। कांग्रेस नेता ने इन घटनाक्रम को चीन के प्रति केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाने वाला बताते हुए आरोप लगाया कि सीमा पर तनाव और बढ़ते व्यापार असंतुलन के बावजूद सरकार चीन के मुद्दे पर देश को पूरी जानकारी नहीं दे रही है।