Manipur : RAF के साथ झड़प के बाद इंफाल में फिर तनाव, 45 प्रदर्शनकारी घायल...लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Edited By Updated: 27 Sep, 2023 11:52 AM

manipur situation tense after clash between students and raf

मणिपुर की राजधानी इंफाल के सिंग्जामेई इलाके में छात्रों और द्रुत कार्य बल (RAF) के बीच झड़प के बाद, बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गत रात हुई झड़प में 45 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।

नेशनल डेस्क: मणिपुर की राजधानी इंफाल के सिंग्जामेई इलाके में छात्रों और द्रुत कार्य बल (RAF) के बीच झड़प के बाद, बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गत रात हुई झड़प में 45 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इंफाल घाटी में प्रदर्शन और हिंसा की आशंका को देखते हुए मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और RAF के कर्मियों को तैनात किया गया है। छह जुलाई से लापता दो छात्रों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों और RAF कर्मियों के बीच मंगलवार रात को झड़प हो गई जिसके बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, लाठीचार्ज करना पड़ा और रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं जिसमें 45 लोग घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर छात्र हैं।

 

इस बीच, मणिपुर पुलिस ने कहा कि CRPF/RAF ने प्रदर्शनकारियों से निपटते वक्त जातिवादी टिप्पणियां करने से इनकार किया है। यह स्पष्टीकरण एक वीडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद आया है जिसमें RAF के एक कर्मी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया, ‘‘यह हमारी जाति नहीं है, कुछ भी करो।'' सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस वीडियो की निंदा की है। पुलिस ने मंगलवार रात ट्वीट किया, ‘‘व्हाट्सएप समूहों/ट्विटर पर आए एक वीडियो में RAF कर्मियों को हिंसक भीड़ से निपटते वक्त जातिवादी टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया है। क्लिप में सुनाई दे रही आवाज RAF कर्मियों की नहीं है। ऐसा लगता है कि वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने आरएएफ बलों की छवि बिगाड़ने के लिए अपनी आवाज में जानबूझकर जातिवादी टिप्पणियां रिकॉर्ड की।

 

यह कथित वीडियो RAF कर्मियों को बदनाम तथा हतोत्साहित करने के लिए बनाया गया है जो पूरे समर्पण और ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।'' पुलिस ने कहा, ‘‘RAF कर्मी कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए इंफाल के विभिन्न हिस्सों में दिन और रात तैनात हैं। RAF कर्मी न्यूनतम बल प्रयोग के सिद्धांत पर काम करते हैं।'' राज्य सरकार ने बुधवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया है लेकिन इंफाल के कुछ संस्थानों के छात्रों ने अपने स्कूल में एकत्रित होने का आह्वान किया जिससे और प्रदर्शन होने की आशंका को बल मिला है। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।'' सिंग्जामेई में स्थिति शांत लेकिन तनावपूर्ण है। हालांकि, दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुले हैं और सड़कों पर वाहन चल रहे हैं।

 

एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार ने लोगों को दवा तथा खाद्य सामग्री समेत आवश्यक सामान खरीदने देने के लिए बुधवार को इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिले में सुबह पांच बजे से रात नौ बजे तक कर्फ्यू में ढील दी है। इसमें कहा गया है, ‘‘बहरहाल, कर्फ्यू में ढील के दौरान सक्षम प्राधिकरण से अनुमति लिए बगैर किसी तरह की सभा/धरना-प्रदर्शन/रैली नहीं करने दी जाएगी।'' झड़पों के बाद राज्य सरकार ने किसी भी तरह की भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए एक अक्टूबर को रात 7 बजकर 45 मिनट तक इंटरनेट मोबाइल सेवाओं पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया। राज्य में तीन मई को भड़की जातीय हिंसा के बाद इंटरनेट पर पाबंदी लगायी गयी थी और चार महीने से अधिक समय बाद इसे हटाया गया था।

 

राज्य सरकार ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर सभी स्कूलों में 27 और 29 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। 28 सितंबर को पैगंबर मोहम्मद की जयंती ईद-ए-मिलाद के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश है। अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में जनजातीय एकजुटता मार्च के बाद तीन मई को राज्य में जातीय हिंसा भड़क गई थी। हिंसा की घटनाओं में अब तक 175 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। मणिपुर की आबादी में मेइती समुदाय के लोगों की आबादी लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं, नगा और कुकी आदिवासियों की आबादी करीब 40 प्रतिशत है और वे ज्यादातर पर्वतीय जिलों में रहते हैं।

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