Edited By vasudha,Updated: 08 Jun, 2021 10:53 AM

पश्चिम बंगाल विधानसभा में चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती अपने ''मारूंगा यहां और लाश गिरेगी श्मशान में'' वाले डॉयलॉग को लेकर मुश्किलों में फस गए हैं। अब उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट से इस डॉयलॉग को...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा में चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती अपने 'मारूंगा यहां और लाश गिरेगी श्मशान में' वाले डॉयलॉग को लेकर मुश्किलों में फस गए हैं। अब उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट से इस डॉयलॉग को लेकर अपने खिलाफ दायर एक मामले को हटाने की अपील की है।

कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर आवेदन में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने सफाई दी कि 2014 में आई एक फिल्म में उनका यह मशहूर डायलॉग था जो सिर्फ लोगों के मनोरंजन के लिए उन्होंने जनसभाओं में कहा था. इसका और कोई मकसद नहीं था। दरअसल कोलकाता के मानिकतला थाने में इस डॉयलॉग को लेकर मिथुन चक्रवर्ती के खिलाफ धारा 153A, 504, 505 और 120B के तहत शिकायत दर्ज कराई गई थी।

याद हो कि 7 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मिथुन चक्रवर्ती ने हुंकार भरते हुए कहा था कि मुझे पता है कि आप मेरा वो डायलॉग सुनने के लिए इंतजार कर रहे हैं... मारबो एखाने, लाश पोरबे शशाने (मारूंगा यहां और लाश गिरेगी श्मशान में)... आज मैं आपको कुछ नया देने जा रहा हूं। थोड़ी देर चुप रहने के बाद मिथुन ने बाेला था, “आमी जलढोराओ नोई, बलीबोराओ नोई, अमि जात गोखरो। एक छोबोलेई छबि। एबार एटाई होबे बांग्लाय।” इसका अर्थ है- मैं न तो जलधर सांप हूं और न ही विषहीन सांप; मैं असली कोबरा हूं। एक बार काटते ही तुम्हारी तस्वीर टंग जाएगी। इस बार बंगाल में यही होने वाला है।
