14 अगस्त 1947 की रात का एक दर्दनाक किस्सा, छलनी हुआ भारत मां का सीना और 10 लाख लोगों की गई थी जान

Edited By Updated: 15 Aug, 2022 10:57 AM

national news punjab kesari delhi independence day special

15 अगस्‍त 1947 को भारत आजाद हुआ था। इसके एक दिन पहले की रात 14 अगस्त की उस आधी रात को हिन्‍दुस्‍तान में जो हुआ उसने देश के इतिहास और भूगोल को बदल कर रख दिया। हम अंग्रेजों की 250 वर्षो की गुलामी से आजाद तो हो गए, लेकिन जाते-जाते वह हमें बंटवारे का...

नई दिल्ली: 15 अगस्‍त 1947 को भारत आजाद हुआ था। इसके एक दिन पहले की रात 14 अगस्त की उस आधी रात को हिन्‍दुस्‍तान में जो हुआ उसने देश के इतिहास और भूगोल को बदल कर रख दिया। हम अंग्रेजों की 250 वर्षो की गुलामी से आजाद तो हो गए, लेकिन जाते-जाते वह हमें बंटवारे का दर्द दे गए। 14 अगस्त की रात हिन्‍दुस्‍तान के 2 टुकड़े हुए थे जिससे लाखों लोग बेघर हो गए। एक तरफ भारत तो दूसरी तरफ पाकिस्तान बना। बंटवारे के दौरान चारों तरफ हिंसा फैली हुई थी। लोग जिनके साथ उठते-बैठते थे, वे अपनों के ही दुश्मन बन बैठे।

 PunjabKesari

बंटबारे की यह दर्द लगभग 10 लाख लोगों की जान ले गया। सरहद के दोनों तरफ से लगभग एक करोड़ लोग भारत और पाकिस्‍तान चले आए। एक आंकड़े के मुताबित उस समय यह दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन था। जानकारों का मानना है कि ब्रिटिश सरकार ने बंटवारे की प्रक्रिया ठीक से नहीं निभाई। देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भारत और पाकिस्तान की नई सरकार पर आई। लेकिन दोनों देशों की नई सरकार के पास हिंसा से निपटने के जरूरी इंतजाम नहीं थे। किसी ने सोचा नहीं था कि करोड़ों लोग एक मुल्क से दूसरे मुल्क जाएंगे। 

कुछ लोग भारत विभाजन के खिलाफ थे, कुछ पक्ष में थे और कुछ ऐसे लोग थे, जो भारत के धर्म आधारित विभाजन के खिलाफ थे, तो कुछ लोग ऐसे भी थे जो यह मानते थे कि जब धर्म के आधार पर विभाजन हो ही रहा है तो फिर जनता की अदल-बदली भी होनी चाहिए और ठीक-ठीक विभाजन होना चाहिए ता‍कि बाद में किसी प्रकार का विवाद न हो। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!