अब बाजार में नहीं मिलेगी यूनिफॉर्म, सेना ने कराया पेटेंट...नहीं माने तो होगी कड़ी कार्रवाई

Edited By Updated: 03 Nov, 2022 08:15 PM

now the uniform will not be available in the market the army has got the patent

भारतीय सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अपनी नए डिजाइन और छद्मावरण पैटर्न वाली वर्दी के बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) को पंजीकृत कराया है

नई दिल्लीः भारतीय सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अपनी नए डिजाइन और छद्मावरण पैटर्न वाली वर्दी के बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) को पंजीकृत कराया है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि डिजाइन तथा छद्मावरण पैटर्न के विशेष बौद्धिक संपदा अधिकार अब पूरी तरह से भारतीय सेना के पास हैं। इसलिए किसी भी ऐसे विक्रेता द्वारा वर्दी का निर्माण करना, जो ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं है, उसे अवैध गतिविधि में संलिप्त माना जायेगा और कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारतीय सेना के प्रभुत्व को स्थापित करने के लिए नए छद्मावरण पैटर्न और बेहतर डिजाइन वाली वर्दी के पंजीकरण की प्रक्रिया कोलकाता के पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक द्वारा पूरी कर ली गई है।'' पंजीकरण को पेटेंट कार्यालय के आधिकारिक जर्नल में 21 अक्टूबर को प्रकाशित किया गया है। भारतीय थल सेना के सैनिकों के लिए नई डिजिटल पैटर्न कॉम्बैट वर्दी का अनावरण 15 जनवरी को सेना दिवस पर किया गया था।

बयान में कहा गया है कि नई वर्दी पहले से बेहतरीन है और यह समकालीन तथा कार्यात्मक रूप से उम्दा डिजाइन वाली है। वर्दी के कपड़े को हल्का, मजबूत, जल्दी सूखने वाला और रख रखाव के लिए आसान बनाया गया है। महिलाओं की लड़ाकू वर्दी तैयार करते समय विशेष ध्यान रखा गया है। लिंग विशिष्ट समायोजन करने से नई वर्दी की विशिष्टता स्पष्ट होती है।

भारतीय सेना व्यवस्था के तहत डिजाइन के विशिष्ट अधिकारों को लागू कर सकती है और नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक सक्षम अदालत के सामने नागरिक कार्रवाई के माध्यम से मुकदमे दायर कर सकती है। उल्लंघन के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई में अंतरिम एवं स्थाई निषेधाज्ञा के साथ-साथ जुर्माना भी शामिल है।

बयान में कहा गया, ‘‘नए पैटर्न की वर्दी उपलब्ध कराने की शुरूआती प्रक्रिया के हिस्से के रूप में कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (सीएसडी) के माध्यम से कुल 50,000 सेट पहले ही खरीदे जा चुके हैं और इन्हें 15 सीएसडी डिपो (दिल्ली, लेह, बीडी बारी, श्रीनगर, उधमपुर, अंडमान और निकोबार, जबलपुर, मासीमपुर, नारंगी, दीमापुर, बागडोगरा, लखनऊ, अंबाला, मुंबई तथा खड़की) को वितरित कर दिया गया है।'' मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में निर्दिष्ट डिजाइन के अनुसार नयी वर्दी की सिलाई में असैन्य तथा सैन्य सिलाई कारीगरों को प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

 

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