ईरान में सत्ता परिवर्तन की नई रणनीति? अमेरिका-इजराइल के कथित प्लान पर बड़ा खुलासा

Edited By Updated: 18 Mar, 2026 10:51 PM

a new strategy for regime change in iran

ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल की रणनीति पर नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शीर्ष नेताओं और कमांडरों पर हमलों के बावजूद ईरान में अब तक तख्तापलट नहीं हो पाया है।

इंटरनेशनल डेस्कः ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल की रणनीति पर नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शीर्ष नेताओं और कमांडरों पर हमलों के बावजूद ईरान में अब तक तख्तापलट नहीं हो पाया है। ऐसे में अब दोनों देशों ने ईरान की सत्ता को कमजोर करने के लिए एक नया फॉर्मूला तैयार किया है।

टॉप नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति

बताया जा रहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर और करीब 40 शीर्ष कमांडरों को निशाना बनाया गया। इसके बावजूद सत्ता में बदलाव नहीं हुआ। इसी कड़ी में हाल में जिन नेताओं को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:

इन नेताओं पर आरोप था कि उन्होंने ईरान में विरोध और विद्रोह को दबाने में भूमिका निभाई।

जनता को सड़कों पर लाने का प्लान

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल मानते हैं कि जब तक ईरान में बड़ा जनविद्रोह नहीं होगा, तख्तापलट संभव नहीं, इसलिए जनता को सड़कों पर लाने की रणनीति बनाई गई है

इसके तहत:

  1. ऐसे नेताओं को निशाना बनाना जिन पर दमन के आरोप हैं

  2. ईरान की सत्ता के “कठोर चेहरों” को खत्म करना

  3. विरोध को भड़काने की कोशिश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी लारिजानी को “जनता का हत्यारा” बताते हुए कहा था कि वे विद्रोह कुचलने के लिए जाने जाते थे।

आर्थिक ठिकानों पर हमले की तैयारी

एक और रणनीति के तहत ईरान के उन अहम ठिकानों को निशाना बनाने की योजना है, जो वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं। खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम तेल मार्ग पर नजर है। ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगर इस मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया जाए, तो इसका वैश्विक असर होगा।

जासूसी नेटवर्क भी सक्रिय

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इजरायल ने ईरान के अंदर अपने जासूसों को सक्रिय किया है। उन्हें हथियार भी दिए गए हैं। ईरान अब तक 50 से ज्यादा कथित जासूस पकड़ चुका है

तख्तापलट कैसे संभव?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार John Bolton के मुताबिक सत्ता परिवर्तन के लिए जनता का सड़कों पर उतरना जरूरी है। इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाना होगा। साथ ही विद्रोहियों को हथियार और आर्थिक मदद भी देनी पड़ सकती है।

ट्रंप के संकेत

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था “यह संभव है… हम सभी विकल्पों पर नजर रख रहे हैं।” उनका लक्ष्य “ईरान के खतरे को पूरी तरह खत्म करना” है।

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