Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Oct, 2026 08:42 PM

पंजाब में एक मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को कथित तौर पर तीन बार पत्र लिखे जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण...
नेशनल डेस्क : पंजाब में एक मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को कथित तौर पर तीन बार पत्र लिखे जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने और उसके बाद कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक ED ने पंजाब पुलिस से मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया था। हालांकि आरोप है कि इन पत्रों के बावजूद पुलिस की ओर से FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत के आदेश के बाद जांच CBI को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई।
अब इसी मामले में CBI की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी किए जाने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली और पुलिस की ओर से कथित तौर पर समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े किए हैं- ED के पत्रों पर पंजाब पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई, FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई और हाईकोर्ट को मामले में हस्तक्षेप क्यों करना पड़ा?
मामले को लेकर राज्य की सियासत भी गरमा गई है। विपक्ष की ओर से पंजाब सरकार से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देने और यह बताने की मांग की जा रही है कि ED की ओर से भेजे गए पत्रों के बावजूद पुलिस स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।