Edited By Radhika,Updated: 16 Jan, 2026 03:55 PM

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के बीच 'मिटने वाली स्याही' को लेकर शुरू हुए विवाद ने अब बड़े राजनीतिक वाकयुद्ध का रूप ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' और नागरिकों को गुमराह करने के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी...
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के बीच 'मिटने वाली स्याही' को लेकर शुरू हुए विवाद ने अब बड़े राजनीतिक वाकयुद्ध का रूप ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' और नागरिकों को गुमराह करने के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करारा जवाब दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के बयान इस बात का साफ संकेत हैं कि कांग्रेस एक बड़ी हार की ओर बढ़ रही है।
हार देख बहाने ढूंढ रहे हैं राहुल
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब भी चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं होते, वे संस्थाओं पर दोष मढ़ना शुरू कर देते हैं। भंडारी ने कहा, "राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर 'वोट चोरी' को राष्ट्रविरोधी कृत्य बताया है। असल में जब भी वे हारते हैं, कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग तो कभी स्याही को जिम्मेदार ठहराते हैं। जनता ने उन्हें बार-बार नकारा है क्योंकि वे उन्हें एक गैर-जिम्मेदार नेता के रूप में देखते हैं।"
जिद का पर्याय बन चुके हैं राहुल गांधी
एक अन्य भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी अब सिर्फ जिद्दी नहीं, बल्कि जिद का साक्षात रूप बन चुके हैं। उनकी बातों का कोई सिर-पैर नहीं होता। कभी स्याही कमजोर है, कभी वोट चोरी हो रहे हैं—वे अपनी कमियां देखने के बजाय हर बार नए बहाने गढ़ते हैं। जनता ने उन्हें और उनकी पार्टी को पूरी तरह खारिज कर दिया है।"

क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, महाराष्ट्र निकाय चुनाव के दौरान कई मतदाताओं ने दावा किया था कि मतदान के बाद लगाई गई अमिट स्याही आसानी से मिट रही है। राहुल गांधी ने इस खबर को साझा करते हुए 'X' पर लिखा था, "चुनाव आयोग द्वारा नागरिकों को गुमराह (Gaslighting) करना लोकतंत्र में भरोसे को खत्म करने जैसा है। वोट चोरी एक राष्ट्रविरोधी कृत्य है।"
चुनावी रुझान और जांच के आदेश
इस बीच, दोपहर तक के रुझानों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन (महायुति) महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में बढ़त बनाए हुए है। मुंबई (BMC) में भी भाजपा गठबंधन 118 वार्डों में आगे चल रहा है, जबकि ठाकरे बंधु 78 वार्डों पर बढ़त बनाए हुए हैं। स्याही विवाद बढ़ने पर राज्य चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं, हालांकि आयोग का कहना है कि मानक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया है।