Edited By Mansa Devi,Updated: 19 Feb, 2026 11:19 AM

भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार कदम उठा रही है। संवेदनशील रूटों पर ट्रेनों की निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत पड़ने पर सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की तैनाती की जाती है।
नेशनल डेस्क: भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार कदम उठा रही है। संवेदनशील रूटों पर ट्रेनों की निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत पड़ने पर सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की तैनाती की जाती है। इसके अलावा यात्रियों की मदद के लिए 24x7 रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 और सोशल मीडिया के माध्यम से भी तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
सुरक्षा के इन प्रयासों के साथ-साथ यात्रियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें। छोटी-सी लापरवाही भी कई लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है। इन्हीं नियमों में एक महत्वपूर्ण नियम ट्रेन में इलेक्ट्रिक उपकरणों के इस्तेमाल से जुड़ा है।
ट्रेन में भारी इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग पर रोक
अक्सर देखा जाता है कि कुछ यात्री मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के अलावा इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन चूल्हा, हीटर या प्रेस जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करने लगते हैं। हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक महिला ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली से खाना बनाती दिखी थी। इस घटना के बाद रेलवे ने स्पष्ट किया कि इस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये उपकरण ज्यादा बिजली खपत करते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट, आग लगने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और एसी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि ट्रेन के अंदर ऐसे हाई-वोल्टेज या हाई-लोड उपकरण चलाने की अनुमति नहीं है।
नियम तोड़ने पर क्या हो सकती है सजा?
यदि कोई यात्री ट्रेन में इलेक्ट्रिक चूल्हा या अन्य प्रतिबंधित उपकरण का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत लापरवाही से ट्रेन या यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने पर जुर्माना और अधिकतम छह महीने तक की सजा हो सकती है। यदि किसी की लापरवाही से आग लगने या गंभीर नुकसान की स्थिति बनती है, तो धारा 154 लागू हो सकती है। इस स्थिति में जुर्माने के साथ दो साल तक की सजा का प्रावधान है। सजा और जुर्माना मामले की गंभीरता के आधार पर तय किया जाता है।
यात्रियों से अपील
रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा के दौरान केवल अधिकृत सुविधाओं का ही उपयोग करें। यदि किसी को ट्रेन में प्रतिबंधित इलेक्ट्रिक उपकरण इस्तेमाल करते हुए देखें, तो तुरंत रेलवे स्टाफ या हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें। सुरक्षित यात्रा के लिए नियमों का पालन करना हर यात्री की जिम्मेदारी है। थोड़ी-सी सावधानी न सिर्फ आपकी, बल्कि सैकड़ों अन्य यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकती है।