Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Oct, 2025 07:14 PM

राजस्थान सरकार ने बेटियों को सशक्त बनाने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अगुवाई में शुरू की गई लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य सरकार अब हर बेटी को जन्म से लेकर 21 साल की उम्र तक ₹1.5 लाख की आर्थिक...
नेशनल डेस्क: राजस्थान सरकार ने बेटियों को सशक्त बनाने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अगुवाई में शुरू की गई लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य सरकार अब हर बेटी को जन्म से लेकर 21 साल की उम्र तक ₹1.5 लाख की आर्थिक सहायता दे रही है।
यह योजना मूल रूप से साल 2024 में “राजश्री योजना” के नाम से शुरू हुई थी। बाद में मुख्यमंत्री ने इसका नाम बदलकर “लाडो प्रोत्साहन योजना” कर दिया और आर्थिक सहायता को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1.5 लाख तक कर दिया। महिला दिवस के अवसर पर इसे बेटियों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में घोषित किया गया।
कैसे मिलेगी किस्तों में राशि?
इस योजना के तहत सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में जन्मी बच्चियों को कुल ₹1.5 लाख की सहायता सात किश्तों में दी जाएगी-
- पहली किस्त ₹5,000 - बच्ची के जन्म पर।
- दूसरी किस्त ₹5,000 - एक साल की उम्र पूरी होने और टीकाकरण के बाद।
- तीसरी किस्त ₹10,000 - पहली कक्षा में प्रवेश के समय।
- चौथी किस्त ₹15,000- छठी कक्षा में प्रवेश पर।
- पांचवीं किस्त ₹20,000 - दसवीं कक्षा में प्रवेश पर।
- छठी किस्त ₹25,000 - बारहवीं कक्षा में प्रवेश के समय।
- सातवीं और अंतिम किस्त ₹70,000 - स्नातक पूरी करने या 21 वर्ष की आयु होने पर सीधे बैंक खाते में जमा होगी।
आवेदन की प्रक्रिया
- सरकारी अस्पताल में जन्मी बच्चियों का रिकॉर्ड PCTS पोर्टल पर दर्ज किया जाता है।
- बच्ची के माता-पिता को SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर जाकर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन करना होगा।
- लाडो प्रोत्साहन योजना का फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे- बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, राजस्थान डोमिसाइल प्रमाण पत्र।
- बैंक खाता विवरण।
आवेदन के बाद वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होते ही पहली किस्त सीधे खाते में भेज दी जाएगी। राजस्थान सरकार की यह योजना न केवल बेटियों की शिक्षा और स्वावलंबन को प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि समाज में लिंग समानता की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हो रही है। अब हर माता-पिता की जुबान पर एक ही उम्मीद है- “मेरी लाडो अब उड़ान भरेगी।”