salary increment: 2026 में भारतीय कर्मचारियों की Salary Hike को लेकर बड़ा अपडेट, इन सेक्टरों में होगी पैसों की बारिश

Edited By Updated: 01 Apr, 2026 09:52 AM

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Salary Hike News: साल 2026 में भारतीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी का ग्राफ एक सीमित दायरे में रहने वाला है। डेलॉयट इंडिया के हालिया 'टैलेंट आउटलुक सर्वे' के मुताबिक, इस साल औसतन वेतन वृद्धि करीब 9.1% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 9.0% के...

Salary Hike News: साल 2026 में भारतीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी का ग्राफ एक सीमित दायरे में रहने वाला है। डेलॉयट इंडिया के हालिया 'टैलेंट आउटलुक सर्वे' के मुताबिक, इस साल औसतन वेतन वृद्धि करीब 9.1% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 9.0% के लगभग बराबर ही है। कंपनियां फिलहाल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और खर्चों को मैनेज करने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं।

इन सेक्टरों में होगी पैसों की बारिश
सर्वे के अनुसार, इस साल लाइफ साइंसेज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के कर्मचारियों की चांदी हो सकती है। लाइफ साइंसेज में 9.9% और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.8% तक इंक्रीमेंट मिलने की उम्मीद है। वहीं कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में भी स्थिति बेहतर बनी रहेगी। हालांकि, आईटीईएस (ITeS) सेक्टर में थोड़ी मायूसी दिख सकती है, जहां इंक्रीमेंट गिरकर 8.5% के आसपास रहने के आसार हैं।

जूनियर लेवल के कर्मचारियों पर विशेष ध्यान
इस बार कंपनियों का रुझान बदला हुआ नजर आ रहा है। करीब 500 कंपनियों पर किए गए इस सर्वे से पता चला है कि कंपनियां अब अपने बजट का बड़ा हिस्सा जूनियर स्टाफ और व्यक्तिगत रूप से बेहतरीन काम करने वाले (Individual Contributors) एम्प्लॉइज पर खर्च कर रही हैं। इस वर्ग को औसतन 9.7% तक की सबसे अच्छी वेतन वृद्धि मिल सकती है।

कंपनियों की सतर्कता की बड़ी वजह
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर आनंदोरूप घोष का मानना है कि वेतन वृद्धि की रफ्तार के स्थिर रहने के पीछे कई बड़े कारण हैं। नए लेबर कोड्स की वजह से बढ़ने वाली लागत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पैदा हुई अनिश्चितता ने कंपनियों को सावधान कर दिया है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और तनाव का असर भविष्य में कंपनियों के बजट पर कैसा होगा, इसे लेकर भी फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।

प्रोफेशनल CEO की सैलरी की रफ्तार पड़ी धीमी
सिर्फ आम कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारियों के लिए भी इस बार बढ़ोतरी की गति कम रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में प्रोफेशनल मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEOs) का औसत वेतन 5% की मामूली बढ़त के साथ 10.5 करोड़ रुपये हो गया है। कोरोना महामारी के बाद यह अब तक की सबसे धीमी ग्रोथ मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, साल 2026 का इंक्रीमेंट सीजन बहुत बड़े उछाल के बजाय स्थिरता और सावधानी वाला रहने वाला है। भारतीय कंपनियों के इस फैसले और सैलरी इंक्रीमेंट के मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए, क्या आपको लगता है कि 9% की यह बढ़ोतरी बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों के लिए काफी होगी?

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