Edited By Radhika,Updated: 22 Jan, 2026 04:37 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की 11वीं वर्षगांठ पर देशवासियों को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर साझा किए गए एक खास पोस्ट में पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय ग्रंथों के एक श्लोक के जरिए बेटियों की महिमा का...
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की 11वीं वर्षगांठ पर देशवासियों को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर साझा किए गए एक खास पोस्ट में पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय ग्रंथों के एक श्लोक के जरिए बेटियों की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस तरह एक बेटी का पालन-पोषण 10 पुत्रों के समान पुण्य फल देने वाला होता है।
श्लोक के जरिए समझाया बेटियों का महत्व
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में संस्कृत का एक प्रसिद्ध श्लोक साझा किया: "दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया।"
इसका अर्थ है कि जो पुण्य फल 10 पुत्रों के पालन-पोषण से प्राप्त होता है, वही फल केवल एक कन्या के स्नेहपूर्ण पालन-पोषण से मिल जाता है। पीएम ने कहा कि कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में आज बेटियां हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बना रही हैं और राष्ट्र का मान बढ़ा रही हैं।
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वीडियो संदेश में दिखा बदलता भारत
इस पोस्ट के साथ पीएम ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में इस श्लोक का अर्थ समझाया गया है। वीडियो में बीते 11 वर्षों में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके बढ़ते गौरव की झलक दिखाई गई है।
क्या है इस अभियान की उपलब्धि?
22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य लक्ष्य लिंगानुपात में सुधार करना और लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करना था। आज 11 साल बाद, समाज की सोच में एक बड़ा बदलाव आया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस अभियान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि शिक्षित और सशक्त बेटियां ही 'विकसित भारत' की असली आधार स्तंभ हैं।