Edited By Radhika,Updated: 23 Jul, 2026 03:52 PM

सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की जिला न्यायपालिका में काम करने वाले Judicial Officers की Retirement Age को लेकर एक अहम निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेशों को सुझाव देते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र को 60 बढ़ाकर 61 वर्ष...
नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की जिला न्यायपालिका में काम करने वाले Judicial Officers की Retirement Age को लेकर एक अहम निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेशों को सुझाव देते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र को 60 बढ़ाकर 61 वर्ष करने पर विचार करें।
दो हफ्ते में फैसला लेने का निर्देश दिया
CJI सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने साफ किया है कि राज्य सरकारों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार वाले High Courts इस पर चर्चा करनी चाहिए और फैसला लेना चाहिए। अगर राज्य और संबंधित हाईकोर्ट इस फैसले पर सहमति जताते हैं तो जजों के रिटायरमेंट की आयु 61 साल की जाएगी। लेकिन इसे लेकर 2 हफ्ते में फैसला देना होगा। जो राज्य या हाईकोर्ट पहले से ही आयु सीमा बढ़ाने के पक्ष में हैं, उन्हें विस्तृत हलफनामे के बजाय केवल सहमति पत्र दाखिल करना होगा।
अंतिम फैसले पर नहीं पड़ेगा प्रभाव
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने रेखांकित किया कि वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं। अदालत ने साफ किया कि यह अंतरिम निर्देश राज्यों के लिए एक तात्कालिक व्यवस्था है और इसका मुख्य कानूनी प्रश्न (क्या रिटायरमेंट उम्र पूरे देश में एक समान 62 वर्ष की जाए) के अंतिम फैसले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत इस मूल संवैधानिक प्रश्न पर स्वतंत्र रूप से फैसला सुनाएगी।