Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 01 May, 2025 05:12 AM

भारतीय बाजार नियामक SEBI ने निवेशकों के लिए एक अहम चेतावनी जारी की है। सेबी ने स्पष्ट किया है कि ‘ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स’ न तो उसके नियमों के तहत आते हैं और न ही इन पर निवेश करना सुरक्षित माना जा सकता है।
नेशनल डेस्क: भारतीय बाजार नियामक SEBI ने निवेशकों के लिए एक अहम चेतावनी जारी की है। सेबी ने स्पष्ट किया है कि ‘ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स’ न तो उसके नियमों के तहत आते हैं और न ही इन पर निवेश करना सुरक्षित माना जा सकता है। ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर पैसा लगाने से आपके पूरे पैसे डूबने का खतरा हो सकता है।
क्या होते हैं 'ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स'?
ये ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म होते हैं जहां लोग किसी घटना के होने या न होने (Yes/No) पर दांव लगाते हैं। उदाहरण के लिए – "क्या इस सप्ताह बारिश होगी?", "क्या IPL में मुंबई जीतेगा?" इस तरह के सवालों पर लोग पैसे लगाते हैं और यदि अनुमान सही निकलता है तो लाभ मिलता है। हालांकि इनमें इस्तेमाल होने वाले शब्द जैसे – "प्रॉफिट", "स्टॉप लॉस", "ट्रेडिंग", "मार्केट ट्रेंड" आदि, आम निवेश प्लेटफॉर्म जैसे प्रतीत होते हैं जिससे लोग भ्रमित हो सकते हैं।
सेबी का साफ संदेश: ये प्लेटफॉर्म मान्य नहीं
सेबी ने बताया कि ये प्लेटफॉर्म न तो सेबी से रजिस्टर्ड हैं, न ही ये किसी अधिकृत स्टॉक एक्सचेंज (जैसे NSE, BSE) के तहत आते हैं। इन पर किया गया कोई भी ट्रेड, अगर वह "सिक्योरिटी" जैसे एसेट पर आधारित हो, तो अवैध माना जाएगा। सेबी ने साथ ही NSE और BSE को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।
निवेशकों को नहीं मिलती कोई सुरक्षा
इन प्लेटफॉर्म्स पर किया गया निवेश कानूनी सुरक्षा के दायरे में नहीं आता। यानी, अगर आपके पैसे डूब जाएं तो आप न तो सेबी में शिकायत कर सकते हैं और न ही किसी कानूनी रास्ते से अपना पैसा वापस पा सकते हैं। सेबी ने निवेशकों को आगाह किया है कि वे ऐसे धोखेबाज प्लेटफॉर्म्स के जाल में न फंसें और केवल अधिकृत ब्रोकर्स और एक्सचेंजों के जरिए ही निवेश करें।
T+0 सेटलमेंट सिस्टम पर भी अपडेट
सेबी ने साथ ही शेयर बाजार में लेनदेन के नियमों को लेकर भी एक नया अपडेट जारी किया है। अब T+0 सेटलमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है।
क्या है T+0 सेटलमेंट?
इस सिस्टम के तहत, जिस दिन आप कोई शेयर खरीदते हैं उसी दिन:
पहले यह प्रक्रिया T+1 के आधार पर होती थी, यानी खरीद के अगले दिन सेटलमेंट होता था।
किन निवेशकों को मिलेगा फायदा?
यह सुविधा फिलहाल कुछ चुने हुए Qualified Stock Brokers (QSBs) के जरिए दी जा रही है, जिनमें शामिल हैं:
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Zerodha
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Angel One
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HDFC Securities
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ICICI Securities
इससे उन निवेशकों को फायदा मिलेगा जो तेज रफ्तार ट्रेडिंग और सेटलमेंट की सुविधा चाहते हैं।
निवेश से पहले करें सावधानी से जांच
सेबी ने निवेशकों को सलाह दी है कि:
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किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले सेबी की वेबसाइट पर जाकर उसकी मान्यता चेक करें
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अधिक रिटर्न का लालच दिखाने वाले प्लेटफॉर्म्स से बचें
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सोशल मीडिया पर प्रचारित हो रहे अनजान ऐप्स और वेबसाइट्स से सावधान रहें
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सिर्फ रजिस्टर्ड ब्रोकर्स और एक्सचेंज्स के जरिए ही ट्रेडिंग करें