Edited By Radhika,Updated: 08 Jan, 2026 04:07 PM

देश में आजकल साइबर अपराध जितनी तेजी से बढ़ रहा है उतनी तेजी से ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। ठगी के बढ़ते हुए तरीको के बीच आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। पहले साइबर अटैकर्स किसी फर्जी लिंक और ऐप का यूज से ठगी को अंजाम देते थे। अब ठग खुद को...
नेशनल डेस्क : देश में आजकल साइबर अपराध जितनी तेजी से बढ़ रहा है उतनी तेजी से ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। ठगी के बढ़ते हुए तरीको के बीच आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। पहले साइबर अटैकर्स किसी फर्जी लिंक और ऐप का यूज से ठगी को अंजाम देते थे। अब ठग खुद को कूरियर कंपनी, बैंक अधिकारी या डिलीवरी एजेंट बताकर आपको फोन पर नंबर डायल करने के लिए कहता हैं, जिससे आपका मिनटों में खाली हो जाता है। ऐसे साइबर अपराध से बचने के लिए गृह मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। डिटेल में जानते हैं कि ठग कैसे इसे अंजाम देते हैं-
कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?
इस फ्रॉड की शुरुआत एक साधारण कॉल से होती है। ठग खुद को कूरियर कंपनी, बैंक अधिकारी या डिलीवरी एजेंट बताकर आपको फोन करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपके पार्सल या अकाउंट में कोई समस्या है जिसे ठीक करने के लिए आपको एक USSD कोड (जैसे 21, 61 या 67 से शुरू होने वाले कोड) डायल करना होगा।

OTP और कॉल सीधे पहुंचती है ठगों के पास
जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, आपके नंबर की सभी इनकमिंग कॉल्स ठग के नंबर पर फॉरवर्ड हो जाती हैं। इसके बाद जब ठग आपके बैंक अकाउंट या व्हाट्सएप में लॉगिन करने की कोशिश करता है, तो ओटीपी (OTP) कॉल के जरिए उसके पास चला जाता है। इसके बारे में यूजर को कानों- कान खबर नहीं होती। कॉल फॉरवर्डिंग की मदद से ठग आपके बैंक से पैसे उड़ा लेते हैं या आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं।
I4C की चेतावनी: कोड डायल करने से पहले सोचें
I4C ने साफ किया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन से कोई भी कोड डायल न करें। कॉल फॉरवर्डिंग एक वैध फीचर है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल आपका पूरा डिजिटल कंट्रोल छीन सकता है।

बचाव का तरीका: अगर गलती हो गई तो क्या करें?
यदि आपको संदेह है कि आपका फोन टैप हो रहा है या कॉल फॉरवर्ड की गई है, तो तुरंत अपने फोन से ##002# डायल करें। यह एक 'यूनिवर्सल इरेज़' कोड है जो आपके फोन की सभी सक्रिय कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स को तुरंत बंद कर देता है।