Edited By Anu Malhotra,Updated: 07 Jan, 2026 08:57 AM

देश के मौसम में एक साथ दो विपरीत तस्वीरें उभर रही हैं। जहां उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की गिरफ्त में हैं, वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा एक मौसमी सिस्टम दक्षिण भारत के लिए भारी बारिश और तेज...
नेशनल डेस्क: देश के मौसम में एक साथ दो विपरीत तस्वीरें उभर रही हैं। जहां उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की गिरफ्त में हैं, वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा एक मौसमी सिस्टम दक्षिण भारत के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का संकेत दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों को लेकर व्यापक चेतावनियां जारी की हैं।
उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले 5 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके साथ ही कई राज्यों में शीतलहर, शीत दिवस और पाले जैसी परिस्थितियां आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
7 जनवरी को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में दिनभर ठंडक बनी रहने की संभावना है। दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सर्दी का असर तेज रहने का अनुमान है। वहीं 8 जनवरी तक पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है।
शीतलहर और पाले का अलर्ट
IMD के अनुसार 7 से 9 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में शीतलहर चल सकती है। राजस्थान में 8 से 11 जनवरी तक, मध्य प्रदेश में 7 और 8 जनवरी को तथा महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ में 8 जनवरी तक शीतलहर की आशंका है। उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में 7 जनवरी को पाले की चेतावनी भी दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा खतरनाक सिस्टम
दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर क्षेत्र में एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसका असर दक्षिण भारत के मौसम पर स्पष्ट रूप से दिख सकता है।
महाराष्ट्र में फिर गिरेगा पारा
हाल के दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण सर्दी में जो थोड़ी नरमी आई थी, वह अब खत्म हो रही है। शुष्क हवाओं के प्रभाव से तापमान में दोबारा गिरावट दर्ज की जाएगी। अनुमान है कि महाराष्ट्र के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान फिर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। कोंकण क्षेत्र में रात का तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि मुंबई और तटीय इलाकों में 8–9 जनवरी तक न्यूनतम तापमान 16–18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा
9 से 11 जनवरी के बीच तमिलनाडु, केरल और माहे में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश का भी अलर्ट है। केरल और माहे में 10 जनवरी को भारी वर्षा हो सकती है।
मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को 11 जनवरी तक बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों, श्रीलंका तट के पास तथा अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं और खराब समुद्री हालात की आशंका जताई गई है।
कुल मिलाकर, देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज चुनौतीपूर्ण बना हुआ है—उत्तर में हाड़ कंपा देने वाली ठंड और दक्षिण में बारिश व तूफानी गतिविधियों की आशंका। IMD ने लोगों को सतर्क रहने और जारी सलाहों का पालन करने की अपील की है।