Edited By Parminder Kaur,Updated: 06 May, 2025 05:26 PM

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को "मनमानी" बताया है। उन्होंने आरोप लगाया...
नेशनल डेस्क. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को "मनमानी" बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है और कई लोगों पर कठोर सार्वजनिक सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
महबूबा मुफ्ती ने अपने पत्र में कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया किसी "केंद्रित जांच" की बजाय "मनमानी कार्रवाई" ज्यादा लग रही है। 3,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 100 लोगों को पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया है। उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों को चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह न्याय नहीं, बल्कि "सामूहिक दंड" जैसा लगता है।
महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि इस तरह की कार्रवाई से परिवारों और समुदायों के अलग-थलग पड़ने का खतरा है और यह भी सवाल उठता है कि यह हमें कहां ले जाएगा। वे न्याय के पक्ष में हैं, लेकिन मौजूदा कार्रवाई "सामूहिक प्रतिशोध" जैसी है। कोई भी लोकतांत्रिक और जिम्मेदार समाज अपने लोगों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं कर सकता।
महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि कश्मीर के लोगों ने सद्भावना का हाथ बढ़ाया है और अब बाकी देश को भी उसी तरह जवाब देना चाहिए। कुछ आतंकवादियों की गतिविधियों के कारण निर्दोष नागरिकों की गिरफ्तारी जारी रहना निराशाजनक है। कश्मीर के लोगों ने इस जघन्य कृत्य का विरोध किया और राष्ट्र के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक बदलाव बताया।
आगामी अमरनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए महबूबा मुफ्ती ने उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने, गिरफ्तारियों और दंडात्मक उपायों की नीति को समाप्त करने और निर्दोष लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। कश्मीर के लोगों को "खुली सांस लेने" दें और यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत करने की तैयारी करने दें।