शरद पवार प्रधानमंत्री मोदी पर भड़के, कहा संसद में आश्वासन के बावजूद हिंसा प्रभावित मणिपुर में शांति बहाल नहीं हुई

Edited By Updated: 29 Sep, 2023 06:43 PM

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शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शुक्रवार को कहा कि संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आश्वासन के बावजूद हिंसा प्रभावित मणिपुर में शांति बहाल नहीं हुई है और उनके तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

नेशनल डेस्क: शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शुक्रवार को कहा कि संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आश्वासन के बावजूद हिंसा प्रभावित मणिपुर में शांति बहाल नहीं हुई है और उनके तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। शिवसेना (यूबीटी) ने भी यह जानना चाहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार मणिपुर में स्थिति में सुधार लाने के लिए क्या कर रही है। राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने देश को आश्वस्त किया था कि मणिपुर में जल्द ही शांति बहाल हो जाएगी, लेकिन वहां हिंसा जारी है।''

उन्होंने कहा, ‘‘कल, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के निजी आवास पर हमला हुआ। यदि यह सरकार में मौजूद व्यक्ति पर हो सकता है तो कोई भी यह समझ सकता है कि मणिपुर में आम लोग महीनों से क्या झेल रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि मणिपुर में हिंसा रोकने की यह अक्षमता राज्य और केंद्र, दोनों सरकारों की नाकामी है, जिनका नेतृत्व भाजपा कर रही है। क्रास्टो ने कहा, ‘‘इसलिए, हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी को मणिपुर के परस्पर विरोधी समुदायों से बात कर, हिंसा के लिए उनके कारणों को समझने और उनके बीच संधि का रास्ता तलाशने तथा राज्य में शांति बहाली के लिए अवश्य ही व्यक्तिगत रूप से इस संवेदनशील विषय में हस्तक्षेप करना चाहिए।''

इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि मणिपुर में स्थिति बहुत खराब है और सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय शांति बहाल करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने पूछा, ‘‘छात्र मारे जा रहे हैं...सरकार क्या कर रही है?'' राउत ने कहा, ‘‘उन्होंने नया संसद भवन बनाया, लेकिन मणिपुर पर चर्चा की अनुमति नहीं दी गई।'' उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 से पहले अशांति पैदा करने की यह जानबूझकर की गई कोशिश है। मंगलवार को राज्य की राजधानी में एक बार फिर हिंसा हुई।

इससे एक दिन पहले, एक युवक और एक युवती के शव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। वे दोनों जुलाई में लापता हो गये थे। वहीं, बृहस्पतिवार रात एक भीड़ ने मुख्यमंत्री के खाली पड़े पैतृक मकान पर हमला किया। लेकिन सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़ कर इस हमले को नाकाम कर दिया। मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों में हुए जातीय संघर्ष में अब तक 170 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं।

मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च' निकाले जाने के बाद राज्य में हिंसक झड़पें हुईं। यह हिंसा तीन मई को शुरू हुई थी। मणिपुर में मेइती समुदाय की आबादी 53 प्रतिशत है, जिनमें से ज्यादातर इंफाल घाटी में रहती है, वहीं नगा और कुकी जनजातियों की आबादी करीब 40 प्रतिशत है और ये ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

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