Edited By Radhika,Updated: 07 Jan, 2026 01:59 PM

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को कहा कि तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव की घटना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण'' थी। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारी...
नेशनल डेस्क: दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को कहा कि तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव की घटना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण'' थी। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारी मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी जमीन पर अदालत के आदेशानुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रहे थे और इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकी जिससे कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पांच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
सूद ने कहा कि मस्जिद के आसपास कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान अवैध रूप से बनाए गए थे, जिनके खिलाफ अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, "कानून के दायरे में किए जा रहे काम में बाधा डालना या उसे बाधित करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।" उन्होंने कहा कि ‘‘कुछ अपराधी और उपद्रवी तत्वों'' ने प्रदर्शन और हिंसा का सहारा लिया जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि इस घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सूद ने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि फैज़-ए-इलाही मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है। यह कार्रवाई केवल उन अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक सीमित है जो न्यायालय के आदेशों के दायरे में आते हैं। इस मामले में सरकार की ओर से कोई मनमानी नहीं की गई या उसका कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं है।'' मंत्री ने जनता से किसी भी प्रकार के उकसावे में न आने की अपील की। उन्होंने कहा कि उकसावे में आकर कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से असामाजिक तत्वों की पहचान करने में प्रशासन का सहयोग करने और आपसी सद्भाव और शांति बनाए रखने में मदद करने का आग्रह किया। एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि यह विध्वंस अभियान उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चलाया गया और इस दौरान 36,000 वर्ग फुट क्षेत्र को खाली कराया गया।