Edited By Radhika,Updated: 22 May, 2026 02:41 PM

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने हाल ही में चर्चा में आई सोशल मीडिया मुहिम 'Cockroach Janata Party' (CJP) का पुरजोर बचाव किया है। शुक्रवार को उन्होंने इस आंदोलन को पाकिस्तानी साजिश बताने वाले दावों को सिरे से खारिज करते...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने हाल ही में चर्चा में आई सोशल मीडिया मुहिम 'Cockroach Janata Party' (CJP) का पुरजोर बचाव किया है। शुक्रवार को उन्होंने इस आंदोलन को पाकिस्तानी साजिश बताने वाले दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे "बेहद बचकाना और सीधा-साधा" तर्क करार दिया। थरूर ने जोर देकर कहा कि इस मुहिम से जुड़ने वाले अधिकांश लोग भारतीय युवा हैं, न कि विदेशी।
'CJP' के 94% फॉलोअर्स भारतीय: थरूर
मुहिम के संस्थापक अभिजीत दिपके के दावों का हवाला देते हुए शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के लगभग 94% फॉलोअर्स भारत में ही मौजूद हैं। थरूर के अनुसार, यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि यह आंदोलन देश के युवाओं के बीच वास्तविक जनभावना और उनके भीतर पनप रहे असंतोष को बयां करता है।

प्रेशर कुकर के वाल्व की तरह है व्यंग्य
शशि थरूर ने लोकतांत्रिक मूल्यों की वकालत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में व्यंग्य या असहमति की आवाज़ों को दबाया नहीं जाना चाहिए, भले ही उनका रूप थोड़ा उकसाने वाला ही क्यों न हो। शशि थरूर ने अपना बयान देते हुए कहा कि "सच्चाई जो भी हो (और शायद इंस्टाग्राम को इस पर स्थिति साफ करनी चाहिए), मेरा मानना है कि लोकतंत्र में ऐसी आवाज़ों को दबाना मूर्खता है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह जनता की भावनाओं, हताशा और शिकायतों को बाहर निकालने का मंच देता है। किसी व्यंग्यात्मक (satirical) पेज पर इस गुस्से को बाहर आने देना वास्तव में 'राष्ट्रहित' में है।" थरूर ने इस मुहिम की तुलना प्रेशर कुकर के वाल्व से करते हुए चेतावनी दी कि यदि गुस्से को बाहर निकलने का रास्ता (वाल्व) नहीं मिला, तो दबाव के कारण कुकर फट सकता है। उन्होंने कहा, "मैं अराजकता, क्रांति या अव्यवस्था के मुकाबले व्यंग्य और हास्य को ज्यादा पसंद करता हूं।"
सरकार और विपक्ष दोनों को चेतावनी
कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों को आगाह किया कि वे देश के युवाओं के इस छिपे हुए आक्रोश को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के संरक्षकों के रूप में दोनों पक्षों को बैठकर युवाओं की समस्याओं और उनके असंतोष को सुनना होगा। इसे नकारना या दबाना देश के भविष्य के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।

क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का पूरा विवाद?
इस मुहिम की शुरुआत इसी महीने (16 मई 2026) महाराष्ट्र के रहने वाले और बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत दिपके ने की थी। दिपके इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में काम कर चुके हैं। यह आंदोलन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की एक कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि फर्जी डिग्री के सहारे वकालत में आने वाले लोगों की आलोचना करते हुए सीजेआई ने 'परजीवी' (parasites) और 'कॉकरोच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिससे युवा नाराज हो गए। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने बाद में साफ किया कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया था और उनका इशारा केवल उन लोगों की तरफ था जो "फर्जी और बोगस डिग्रियां" लेकर आते हैं। महज एक हफ्ते के भीतर इंस्टाग्राम पर इस व्यंग्यात्मक पेज (CJP) के 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे। लेकिन भारी विवाद के बाद गुरुवार को इस इंस्टाग्राम अकाउंट को होल्ड (withheld) कर दिया गया। थरूर ने अब इस बैन को हटाने की मांग की है।