बीजेपी विधायक का हार्ट अटैक से निधन, इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता भारी

Edited By Updated: 03 Jan, 2026 09:11 AM

shyam bihari lal bjp mla from bareilly faridpur constituency uttar pradesh

उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। बरेली की फरीदपुर सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल अब हमारे बीच नहीं रहे। दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की गई—अस्पताल में वेंटिलेटर से लेकर सीपीआर (CPR) तक का सहारा...

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। बरेली की फरीदपुर सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल अब हमारे बीच नहीं रहे। दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की गई—अस्पताल में वेंटिलेटर से लेकर सीपीआर (CPR) तक का सहारा लिया गया—लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

इस घटना ने एक बार फिर उस 'गोल्डन ऑवर' की अहमियत पर बहस छेड़ दी है, जिसे अक्सर हम मामूली दर्द समझकर टाल देते हैं। बताया जा रहा है कि डॉ. लाल को अटैक से पहले सीने में असहजता महसूस हुई थी, लेकिन जब तक स्थिति की गंभीरता समझ आती, तब तक देर हो चुकी थी।

जब दिल दे 'चेतावनी', तो न करें अनदेखी

एक हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार, हार्ट अटैक कभी भी बिना दस्तक दिए नहीं आता। शरीर हमें कुछ मिनट या कुछ घंटे पहले संकेत देना शुरू कर देता है। डॉक्टरों का मानना है कि अगर दर्द उठते ही शुरुआती क्षणों में चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो एस्पिरिन जैसी दवाओं या तत्काल मेडिकल इंटरवेंशन से जान बचाई जा सकती थी। सीने में दबाव का मतलब है कि आपके हार्ट की धमनियों में रक्त का प्रवाह बाधित हो रहा है और पंपिंग सिस्टम संघर्ष कर रहा है।

वो 10 मिनट जो जिंदगी और मौत का अंतर तय करते हैं

हार्ट अटैक से ठीक पहले शरीर में होने वाले इन बदलावों को पहचानना ही सबसे बड़ी समझदारी है:

  • भारीपन और बेचैनी: सीने में सिर्फ दर्द ही नहीं, बल्कि ऐसा महसूस होना जैसे कोई वजन रख दिया गया हो।

  • दर्द का फैलाव: छाती के बाईं ओर उठने वाला दर्द जो धीरे-धीरे कंधे, बाएं हाथ और जबड़े तक पहुँच जाए।

  • असामान्य पसीना: बिना किसी शारीरिक मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना।

  • सांसों की कमी: अचानक से दम फूलना या सांस लेने में तकलीफ होना।

कौन हैं 'हाई रिस्क' जोन में?

आज की जीवनशैली में कुछ लोग इस खतरे के ज्यादा करीब हैं:

  1. हाइपरटेंशन के मरीज: जिनका ब्लड प्रेशर अक्सर अनियंत्रित रहता है।

  2. मोटापा और तनाव: बढ़ता वजन और मानसिक दबाव दिल की कार्यक्षमता को घटा देते हैं।

  3. पुरानी बीमारी: जिन्हें पहले से हृदय संबंधी कोई विकार है, उन्हें दोगुनी सावधानी बरतनी चाहिए।

आपातकाल में क्या करें? (Life-Saving Tips)

अगर आपको या आपके आसपास किसी को ऐसे लक्षण दिखें, तो घबराएं नहीं बल्कि ये कदम उठाएं:

  • तुरंत मदद बुलाएं: बिना समय गंवाए एम्बुलेंस या इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।

  • ड्राइव न करें: खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की गलती कभी न करें, यह जानलेवा हो सकता है।

  • आरामदायक स्थिति: मरीज को तुरंत बिठा दें या लेटा दें ताकि दिल पर कम से कम जोर पड़े।

  • प्राथमिक दवा: डॉक्टर की सलाह के अनुसार पास में मौजूद एस्पिरिन जैसी जीवन रक्षक दवा का सेवन करें।
    याद रखें: सीने का हर दर्द गैस नहीं होता। समय पर की गई पहचान ही आपको और आपके अपनों को सुरक्षित रख सकती है।

 

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