Silver Price: चांदी के दामों में बढ़ोतरी के बाद अचानक आएगी सुनामी जैसी गिरावट, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

Edited By Updated: 24 Jan, 2026 08:06 PM

silver gains momentum investors advised to brace for a possible decline

चांदी की कीमत वैश्विक बाजार में 100 डॉलर प्रति औंस पार कर गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी फंडामेंटल मांग-आपूर्ति से नहीं, बल्कि सट्टेबाजी से प्रेरित है। सोलर पैनल सेक्टर की उच्च मांग और सप्लाई में कमी के बावजूद मुनाफावसूली का दबाव बढ़ रहा...

नेशनल डेस्कः वैश्विक बाजार में चांदी ने रिकॉर्ड छलांग लगाते हुए 100 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर लिया है, जिससे निवेशकों में उत्साह के साथ चिंता भी बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी फंडामेंटल मांग-आपूर्ति के बजाय सट्टेबाजी से प्रेरित है और इसमें किसी भी समय सुनामी जैसी गिरावट का खतरा छिपा हुआ है।

फंडामेंटल से ऊपर कीमतें

बैंक ऑफ अमेरिका के स्ट्रैटेजिस्ट माइकल विडमर (Michael Widmer) के अनुसार, मौजूदा चांदी की कीमतें वास्तविक मांग-आपूर्ति के आधार पर उचित नहीं हैं। उनका मानना है कि चांदी का संतुलित मूल्य लगभग 60 डॉलर प्रति औंस होना चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, 2025 में सोलर पैनल सेक्टर से चांदी की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। वहीं, बढ़ती कीमतों के कारण औद्योगिक मांग पर दबाव बढ़ने लगा है, जिससे आगे चलकर बाजार में असंतुलन और गिरावट की आशंका बन रही है।

सट्टेबाजी की लहर बनती तेजी

StoneX की एनालिस्ट रोना ओ’कॉनेल (Rhona O’Connell) ने चेतावनी दी है कि चांदी में मौजूदा तेजी अब सट्टेबाजी की लहर का रूप ले चुकी है, जो खुद ही रफ्तार पकड़ रही है।
उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनावों के कारण सोने की कीमतों में मजबूती आई है और चांदी को इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है, क्योंकि सोने की तुलना में चांदी अभी भी निवेशकों को सस्ती दिखाई दे रही है। हालांकि, जैसे ही इस तेजी में कमजोरी के संकेत मिलेंगे, यह उछाल अचानक बड़ी गिरावट में बदल सकता है।

चांदी की सप्लाई में कमी

चांदी की सप्लाई में कमी भी बाजार की एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर लगभग 20% चांदी रीसाइक्लिंग से आती है, लेकिन हाई-ग्रेड रिफाइनिंग क्षमता की कमी के कारण यह सप्लाई बाजार में तेजी से नहीं पहुंच पा रही है। माइनिंग सेक्टर की लगातार समस्याओं के चलते पिछले पांच वर्षों से चांदी में सप्लाई डेफिसिट बना हुआ है और इसके 2026 तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

BNP Paribas के एनालिस्ट डेविड विल्सन (David Wilson) के अनुसार, नवंबर के बाद निवेशकों के बढ़ते भरोसे से चांदी में तेजी देखने को मिली, लेकिन अब फिजिकल मार्केट का दबाव कम होता नजर आ रहा है। ऐसे में निकट भविष्य में मुनाफावसूली तेज हो सकती है, जिससे चांदी के भाव में अचानक गिरावट देखने को मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर चांदी में निवेश करने से पहले सतर्कता बेहद जरूरी है। सट्टेबाजी आधारित तेजी और कमजोर होते फंडामेंटल संकेत आने वाले समय में कीमतों को झटका दे सकते हैं।

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