Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 15 May, 2025 01:47 PM

तुर्की के खिलाफ बढ़ते विरोध और हालिया विवादों के बीच उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख शिक्षण संस्था, कानपुर यूनिवर्सिटी (Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए तुर्की की इस्तांबुल यूनिवर्सिटी के साथ किया गया एमओयू (MoU) रद्द कर...
नेशनल डेस्क: तुर्की के खिलाफ बढ़ते विरोध और हालिया विवादों के बीच उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख शिक्षण संस्था, कानपुर यूनिवर्सिटी (Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए तुर्की की इस्तांबुल यूनिवर्सिटी के साथ किया गया एमओयू (MoU) रद्द कर दिया है। यह निर्णय विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।
क्यों रद्द हुआ MoU?
यह समझौता शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर किया गया था, जिसके तहत दोनों विश्वविद्यालयों के छात्र और फैकल्टी आपसी दौरे और रिसर्च प्रोग्राम में भाग ले सकते थे। हालांकि, बीते कुछ समय से तुर्की की ओर से भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान के साथ खड़े होकर पूर्ण समर्थन देने के कारण विरोध बढ़ रहा था। इन्हीं विरोधों को देखते हुए कानपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस MoU को रोकने का फैसला किया और इसे पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।