युद्ध के बीच चौंकाने वाला दावा… क्या ईरान ने अमेरिका को ‘गिफ्ट’ में दिए 10 तेल टैंकर? ट्रंप के बयान से बढ़ा सस्पेंस

Edited By Updated: 26 Mar, 2026 11:46 PM

did iran gift 10 oil tankers to the us trump s statement heightens suspense

ईरान युद्ध के 27वें दिन क्षेत्रीय और वैश्विक ताकतें इस संकट से निकलने के रास्ते तलाश रही हैं। तनाव कम करने को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि...

इंटरनेशनल डेस्कः ईरान युद्ध के 27वें दिन क्षेत्रीय और वैश्विक ताकतें इस संकट से निकलने के रास्ते तलाश रही हैं। तनाव कम करने को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान से ‘गिफ्ट’ के तौर पर तेल टैंकर मिले। उनके मुताबिक, ईरान ने युद्ध खत्म करने की बातचीत में अपनी गंभीरता दिखाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका के 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी।

कैबिनेट बैठक में ट्रंप का खुलासा

व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने बताया कि शुरुआत में ईरान ने आठ बड़े ऑयल टैंकरों को गुजरने देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यह दिखाने के लिए कि वे गंभीर हैं, उन्होंने इन टैंकरों को जलडमरूमध्य से गुजरने दिया। ट्रंप के अनुसार, ये टैंकर कुछ दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने लगे थे और उन्हें इसकी जानकारी बाद में न्यूज रिपोर्ट्स से मिली। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस रास्ते से टोल वसूल रहा है, जो नहीं होना चाहिए।

‘न्यूज देखकर हुआ यकीन’

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने खबरों में देखा कि कुछ असामान्य हो रहा है—तेल से भरे आठ बड़े टैंकर जलडमरूमध्य के बीच से गुजर रहे थे। इससे उन्हें लगा कि ईरान अपनी बात पर कायम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये टैंकर संभवतः पाकिस्तानी झंडे वाले थे।

बाद में दो और टैंकर जोड़े गए

ट्रंप ने आगे बताया कि बाद में ईरान ने माफी मांगते हुए दो और टैंकर भेजने की बात कही, जिससे कुल संख्या 10 हो गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जोड़ते हुए कहा कि इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका सही पक्षों से बात कर रहा है।

ईरान को दी चेतावनी

ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान बातचीत के लिए आगे नहीं आता, तो अमेरिका लगातार उसे निशाना बनाता रहेगा। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं कर रहा है। इससे दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास भी साफ दिख रहा है।

शांति प्रस्ताव भी ठुकराया

बुधवार को ईरान ने अमेरिका के उस शांति प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया, जिसमें कथित तौर पर परमाणु कार्यक्रम छोड़ने और बैलिस्टिक मिसाइलों को सीमित करने की मांग की गई थी। कैबिनेट बैठक में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव रखा था, हालांकि इसके विवरण साझा नहीं किए गए।

युद्ध और खतरनाक होता जा रहा

ट्रंप ने यह भी कहा कि अब फैसला ईरान के हाथ में है। अगर वह युद्धविराम के लिए तैयार नहीं होता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका बिना किसी रोक-टोक के कार्रवाई करता रहेगा। इस बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष और भी भीषण होता जा रहा है। एक ओर बातचीत की बातें हो रही हैं, तो दूसरी ओर हमले भी तेज होते जा रहे हैं। इसी युद्ध के दौरान अबू धाबी में ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया। इसके मलबे के गिरने से एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई, जिससे हालात की गंभीरता और बढ़ गई है।

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