Record Silver Crash : 50 साल में पहली बार आई इतनी भारी गिरावट, क्या अब 2 लाख के नीचे जाएगी चांदी? जानें विशेषज्ञ की राय

Edited By Updated: 02 Feb, 2026 05:30 PM

such a huge fall for the first time in 50 years will silver now go below 2 lakh

29 जनवरी को चांदी ने देश के वायदा बाजार में 4.20 लाख रुपए प्रति किलो के नए रिकॉर्ड तक पहुंचकर इतिहास रच दिया था। लेकिन महज 4 दिन में चांदी के दाम में 46% से ज्यादा की गिरावट देखी गई। सोमवार को यह 2.25 लाख रुपए तक आ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि...

नेशनल डेस्क : देश के वायदा बाजार, Multi Commodity Exchange (MCX) में 29 जनवरी को चांदी ने अपना लाइफ टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। उस दिन दोपहर के समय चांदी के दाम 4.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। लेकिन इसके बाद महज 70 से 80 घंटों यानी 4 दिनों के भीतर चांदी की कीमतें 46% से ज्यादा गिर गईं, जो पिछले करीब 50 वर्षों में सबसे तेज गिरावट मानी जा रही है। 1980 में भी चांदी में जबरदस्त गिरावट आई थी, लेकिन तब कीमतें 5 महीने में 70% गिरी थीं। मौजूदा समय में यह गिरावट केवल 4 दिनों में हुई, जिससे निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

रुपए में नुकसान और हर घंटे की गिरावट

अगर रुपए में देखें तो इस दौरान चांदी के दाम 4.20 लाख से घटकर 2.25 लाख रुपये पर आ गए। यानी 1.94 लाख रुपये की गिरावट महज चार दिनों में हुई। इस हिसाब से हर घंटे चांदी की कीमत में करीब 2,400 रुपये की कमी दर्ज हुई। इस तेज गिरावट ने न केवल भारत के निवेशकों को बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी चौंका दिया है।

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मौजूदा स्थिति और संभावित भविष्य

हालांकि सोमवार को दोपहर 1:45 बजे चांदी के दाम 2,35,339 रुपये पर आ गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गिरावट इसी रफ्तार से जारी रही, तो चांदी के दाम 2 लाख रुपये से नीचे जा सकते हैं। ट्रेडिंग डे के दौरान यह 50% तक गिर सकती है, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

गिरावट के मुख्य कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में तेज गिरावट के पीछे कई कारण हैं:

  1. गोल्ड-सिल्वर रेश्यो बढ़ना: वर्तमान में गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 61 के स्तर को पार कर गया है और आने वाले दिनों में यह 70 तक जा सकता है।
  2. फेड रिजर्व की नीतियां: फेड मौजूदा साल में ब्याज दरों में कटौती पर कोई कदम नहीं उठा रहा। अगर कटौती होती भी है, तो जून या जुलाई में।
  3. डॉलर इंडेक्स और आर्थिक तनाव: डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक तनाव में कमी चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही है।

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि गोल्ड-सिल्वर रेश्यो में लगातार इजाफा चांदी के दामों को नीचे खींच रहा है।

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निवेशकों के लिए चेतावनी

विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक जल्दबाजी में फैसले न लें। चांदी में इतनी तेजी से गिरावट और उतार-चढ़ाव के कारण लगातार निवेश जोखिम भरा हो सकता है। बाजार की चाल को समझकर ही निवेश करना चाहिए।


 

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