महंगाई का तड़का: इस राज्य में कमर्शियल गैस की किल्लत से चाय-समोसा हुआ महंगा, अब कोयले और भट्ठी का सहारा

Edited By Updated: 31 Mar, 2026 11:45 AM

tea and samosas become expensive due to shortage of commercial gas in ghaziabad

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से हड़कंप मचा हुआ है। बाजार में ईंधन के संकट ने खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं। हालात इतने खराब हैं कि जिले में प्रतिदिन लगभग 80 करोड़ रुपये का खान-पान का कारोबार...

LPG Black Marketing Ghaziabad : दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से हड़कंप मचा हुआ है। बाजार में ईंधन के संकट ने खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं। हालात इतने खराब हैं कि जिले में प्रतिदिन लगभग 80 करोड़ रुपये का खान-पान का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। होटलों, ढाबों और हॉस्टल की मेसों में चूल्हे ठंडे पड़ने की नौबत आ गई है।

जेब पर भारी पड़ी एक कप चाय

गैस की कमी और घरेलू सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी के कारण जलपान की दुकानों पर महंगाई का तड़का लग गया है। कई इलाकों में 10 रुपये की चाय अब 12 से 15 रुपये में बिक रही है। अंसल बिल्डिंग के पास चाय बेचने वाली सावित्री और दुकानदार श्याम लाल का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कीमतें तो बढ़ी ही हैं साथ ही खाने की क्वालिटी भी गिर गई है। अब लोग गर्म नाश्ते के बजाय ठंडी पकौड़ियां परोसने को मजबूर हैं।

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मेन्यू से गायब हुए पसंदीदा व्यंजन

गैस की भारी खपत वाले व्यंजन अब दुकानों से गायब होने लगे हैं। नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास मिठाई की दुकान चलाने वाले अमित दत्त ने बताया कि सिलेंडर न मिलने के कारण अब उन्होंने कोयले की भट्ठी का सहारा लिया है। बिजली की कटौती के कारण इलेक्ट्रिक चूल्हे भी फेल हो रहे हैं। कई दुकानों से कचौड़ी जैसे पकवान पूरी तरह गायब हो गए हैं क्योंकि उन्हें बनाने में गैस ज्यादा लगती है।

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मजदूरों और प्रवासियों पर दोहरी मार

सिलेंडर के इस संकट ने उन श्रमिकों की कमर तोड़ दी है जो किराए पर रहते हैं। अधिकांश के पास वैध गैस कनेक्शन नहीं है और वे 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों पर निर्भर हैं। कालाबाजारी के कारण इन छोटे सिलेंडरों की कीमतें भी पहुंच से बाहर हो गई हैं जिससे मेहनतकश तबके के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

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कालाबाजारी ने बिगाड़ा खेल

व्यापारियों का आरोप है कि एक तरफ कमर्शियल सप्लाई ठप है तो दूसरी तरफ घरेलू सिलेंडरों की जमकर कालाबाजारी हो रही है। ऊंचे दामों पर गैस खरीदने की वजह से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने रेट कार्ड रिवाइज कर दिए हैं जिसका सीधा असर आम जनता की थाली पर पड़ रहा है।

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