Edited By Parveen Kumar,Updated: 17 Jan, 2026 12:41 AM

भाजपा ने पंजाब सरकार द्वारा मीडिया की ‘‘आवाज दबाने'' की शुक्रवार को निंदा की और दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के पतन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। पंजाब केसरी समाचार पत्र समूह ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र...
नेशनल डेस्क: भाजपा ने पंजाब सरकार द्वारा मीडिया की ‘‘आवाज दबाने'' की शुक्रवार को निंदा की और दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के पतन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। पंजाब केसरी समाचार पत्र समूह ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा कई छापेमारी करके उसे निशाना बनाया जा रहा है। समूह ने यह भी कहा था कि राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर एक 'संतुलित और निष्पक्ष' समाचार रिपोर्ट प्रकाशित होने पर यह सिलसिला शुरू हआ। पंजाब सरकार ने देर शाम एक आधिकारिक बयान जारी कर पंजाब केसरी समूह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
अखबार समूह ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि ये छापे उसे और उसके सहयोगियों को ‘‘प्रेस को डराने के मकसद'' से निशाना बनाकर मारे गए थे। भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पार्टी सांसद बांसुरी स्वराज ने समाचार पत्र समूह के आरोपों को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार की कड़ी आलोचना की। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश कर ‘‘सुनियोजित तरीके से लोकतंत्र का दमन'' कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार द्वारा मीडिया पर किए गए हमलों की ‘‘याद दिलाता है।''
भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘अखबार में एक लेख प्रकाशित हुआ था, जिसमें अरविंद केजरीवाल की आलोचना की गई थी।इस आलोचना से असहज होकर, आम आदमी पार्टी सरकार ने 11 जनवरी से 15 जनवरी के बीच पंजाब केसरी समूह को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया और ऐसा करने के लिए सभी सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया।'' उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब पुलिस ने अरविंद केजरीवाल के निर्देशों पर बिना किसी पूर्व सूचना के पंजाब केसरी समाचार पत्र समूह पर छापा मारा, अखबार के कर्मचारियों पर हमला किया और उन्हें घायल किया तथा उनके कार्यालय में जबरन घुस गई। यह खुलेआम लोकतंत्र पर एक हमला है।
भाजपा इस कृत्य की कड़ी निंदा करती है।'' कुछ पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए, स्वराज ने आरोप लगाया कि पंजाब में मान सरकार ने पूर्व में भी विभिन्न मौकों पर मीडिया की ‘‘आवाज दबाने'' की कोशिश की थी। उन्होंने पूछा, ‘‘आम आदमी पार्टी कब तक अपने कुशासन को छिपाने के लिए मीडिया की आवाज दबाती रहेगी?'' उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत गंभीर मुद्दा है। भाजपा इसकी कड़ी आलोचना करती है।'' स्वराज ने कहा कि दिल्ली की जनता ने पिछले साल फरवरी में केजरीवाल सरकार के “कुशासन” को खारिज कर दिया था। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अब आप पंजाब में भी तानाशाही कर रहे हैं। मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं... ‘आप' पंजाब में भी पतन की ओर बढ़ रही है। इसकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।''
आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि मान सरकार राज्य में स्वतंत्र मीडिया की आवाज को "दबाना" चाहती है। उन्होंने कहा, "मैं मीडिया की स्वतंत्रता पर इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं।" उन्होंने कहा कि ‘आप' को पंजाब को "पुलिस राज्य" नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल 17 जनवरी को पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात करेगा। भाजपा के जम्मू और कश्मीर मीडिया प्रभारी प्रदीप मेहरोत्रा ने कहा, "जिस तरह कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल के दौरान मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश की, उसी तरह अरविंद केजरीवाल द्वारा समर्थित भगवंत मान सरकार ने पंजाब केसरी के कार्यालयों पर हमला करके वही काम किया।"