Edited By Mansa Devi,Updated: 22 Jan, 2026 05:35 PM

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पूंजीपतियों का बढ़ता प्रभाव समाजवादी आदर्शों के लिए एक ‘‘गंभीर चुनौती'' है।
नेशनल डेस्क: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पूंजीपतियों का बढ़ता प्रभाव समाजवादी आदर्शों के लिए एक ‘‘गंभीर चुनौती'' है। उन्होंने कहा कि पूंजीवाद ने मीडिया पर नियंत्रण जमा लिया है और पत्रकारों से अपील की कि वे किसी का भी “एजेंडा” न चलाएं। यादव, समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि के अवसर पर यहां जनेश्वर मिश्र पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।
यादव ने कहा, “जब पूंजीपति हावी होते हैं, तो हम समाजवादियों के लिए यह चिंता का विषय बन जाता कि समाजवादी आंदोलन कैसे आगे बढ़ेगा और हम जनेश्वर मिश्र जी, नेताजी (मुलायम सिंह यादव), बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर और राम मनोहर लोहिया के आदर्शों को कैसे कायम रखेंगे।” उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी लोग मिश्र को इसलिए याद करते हैं क्योंकि उन्होंने आंदोलन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी।
उन्होंने कहा, “हम उस आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं जो जनेश्वर मिश्र जी ने हम सभी को सौंपा था।” जनेश्वर मिश्र को “समाजवाद का विचारक” कहा जाता है और उन्हें उत्तर प्रदेश में समाजवादी राजनीति तथा जमीनी आंदोलनों के प्रति आजीवन समर्पण के लिए याद किया जाता है। नोएडा में हाल में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े सवाल पर यादव ने कहा, “मुद्दा यह नहीं है कि इंजीनियर पहले किसी पार्टी में गया था, बल्कि यह है कि घटना के बाद सरकार और उसके विभाग उसकी जान बचाने में क्यों नाकाम रहे।'' एक संवाददाता के इस दावे कि मेहता गुरुग्राम में कथित तौर पर एक पार्टी में गए थे और दुर्घटना से पहले शराब के नशे में थे, इस पर यादव ने कहा कि असली सवाल यह है कि दुर्घटना के बाद क्या हुआ और अधिकारी मौके पर पहुंचने के बावजूद उन्हें क्यों नहीं बचा पाए।
यादव ने कहा, ‘‘ऐसा सुनने में आ रहा है कि पानी बहुत ठंडा होने के कारण कोई भी उनकी जान बचाने के लिए आगे नहीं आया। अगर उनकी जान गई, तो यह सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ।'' यह पूछे जाने पर कि क्या इंजीनियर की छवि खराब करने के लिए वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, यादव ने कहा कि ऐसे वीडियो बिल्कुल भी नहीं दिखाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘एक व्यक्ति की जान चली गई है। ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रही है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और ऐसी जगहों पर न हों।''
यादव ने कहा, ‘‘किसानों, गरीबों और आम नागरिकों की जान तभी सुरक्षित होगी, जब भाजपा को सत्ता से हटाया जाएगा।” संभल के एक मामले में ‘ट्रांसफर' और कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के तबादले को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले को उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय देखेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘सच को ‘ट्रांसफर' नहीं किया जा सकता। आप सच को कैसे ट्रांसफर करेंगे?'' माघ मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच जारी विवाद पर यादव ने कहा कि देशभर के सनातनी शंकराचार्य के साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी धर्म के नाम पर ऐसे काम कर रही है, जिन्हें करने से अधिकारी भी हिचकिचा रहे हैं।
यादव ने कहा, ‘‘नोटिस जारी करने वाले या उन्हें स्नान से रोकने वाले अधिकारी इसका हिस्सा नहीं बनना चाहते। वे दबाव में ऐसा कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म के रास्ते से भटक रही है और शंकराचार्य पूरे सम्मान के हकदार हैं। यादव ने कहा, ‘‘अगर इतनी पवित्र जगह पर उन्हें पवित्र स्नान करने से रोका जा रहा है, तो इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है। अगर इसके लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह भाजपा सरकार है।
अब तो भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी पूछ रहे हैं कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है।'' यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और पार्टी समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने के अपने संकल्प पर कायम है।