Edited By Seema Sharma,Updated: 06 Apr, 2018 08:07 PM

भारतीय जनता पार्टी का इतिहास : भारत के राजनीतिक इतिहास में आज का दिन खास अहमियत रखता है। देश के प्रमुख राजनीतिक स्तंभों में से एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना 1980 में आज ही के दिन यानि कि 6 अप्रैल को हुई थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा...
भारतीय जनता पार्टी का इतिहास : भारत के राजनीतिक इतिहास में आज का दिन खास अहमियत रखता है। देश के प्रमुख राजनीतिक स्तंभों में से एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना 1980 में आज ही के दिन यानि कि 6 अप्रैल को हुई थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में स्थापित भारतीय जन संघ से इस नई पार्टी का जन्म हुआ। 1977 में आपातकाल की घोषणा के बाद जनसंघ का कई अन्य दलों से विलय हुआ और जनता पार्टी का उदय हुआ। पार्टी ने 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस से सत्ता छीन ली और 1980 में जनता पार्टी को भंग करके भाजपा की नींव रखी गई। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इसके पहले अध्यक्ष बने थे।

अटल जी के बाद पीएम मोदी दमदार पीएम
भाजपा ने 1984 के लोक सभा चुनाव में महज दो सीटें जीती थीं। 37 सालों के सफर में वाजपेयी के बाद लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह, कुशा भाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण और नितिन गडकरी इत्यादि भाजपा नेता पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने भाजपा को बाखूबी फलीभूत किया। उनके अमिट छाप सिर्फ अपने नेताओं पर ही नहीं विपक्ष पर भी पड़ी। विपक्ष आज भी उनके कार्यशैली की प्रशंसा करता है। 1998 में आम चुनावों के बाद भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का निर्माण हुआ और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनी जो एक वर्ष तक चली।

इसके बाद आम-चुनावों में राजग को पुन: पूर्ण बहुमत मिला और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार ने अपना कार्यकाल पूर्ण किया। इस प्रकार पूर्ण कार्यकाल करने वाली पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी। 2004 के आम चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा और अगले 10 वर्षों तक भाजपा ने संसद में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभाई। 2014 के आम चुनावों में राजग को गुजरात के लम्बे समय से चले आ रहे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारी जीत मिली और 2014 में सरकार का बनाई।