Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Jan, 2026 07:36 PM

बीते दिनों 25 दिसंबर और 31 दिसंबर 2025 को हुई गिग वर्कर्स की हड़ताल ने देशभर में इस सेक्टर की चुनौतियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। इसी बीच ऑनलाइन फूड और सामान डिलीवरी कंपनी Zomato के संस्थापक और CEO दीपिंदर गोयल का एक बयान सुर्खियों में है,...
नेशनल डेस्क: बीते दिनों 25 दिसंबर और 31 दिसंबर 2025 को हुई गिग वर्कर्स की हड़ताल ने देशभर में इस सेक्टर की चुनौतियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। इसी बीच ऑनलाइन फूड और सामान डिलीवरी कंपनी Zomato के संस्थापक और CEO दीपिंदर गोयल का एक बयान सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने कंपनी के प्लेटफॉर्म से हर महीने बड़ी संख्या में वर्कर्स के बाहर होने की चौंकाने वाली सच्चाई साझा की है।
एक पॉडकास्ट के दौरान गोयल ने बताया कि Zomato हर महीने औसतन करीब 5,000 डिलीवरी वर्कर्स को प्लेटफॉर्म से हटाती है। इसके अलावा, हर महीने लगभग 1.5 लाख से 2 लाख डिलीवरी पार्टनर्स खुद ही काम छोड़ देते हैं। उन्होंने साफ किया कि यह केवल छंटनी का मामला नहीं है, बल्कि गिग वर्क के स्वभाव से जुड़ी एक बड़ी हकीकत है।
धोखाधड़ी बनी बड़ी वजह
दीपिंदर गोयल के मुताबिक, जिन डिलीवरी पार्टनर्स को हटाया जाता है, उनमें से अधिकतर मामलों में धोखाधड़ी सामने आती है। कुछ वर्कर्स बिना ऑर्डर पहुंचाए ही ऐप पर उसे ‘डिलीवर्ड’ दिखा देते हैं। वहीं, कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर्स में ग्राहकों को सही छुट्टे पैसे न लौटाने जैसी शिकायतें भी अक्सर मिलती हैं। ऐसी गतिविधियों के चलते कंपनी को सख्त कदम उठाने पड़ते हैं।
क्यों छोड़ देते हैं डिलीवरी पार्टनर्स काम?
डिलीवरी वर्कर्स के लगातार प्लेटफॉर्म छोड़ने के कारणों पर बात करते हुए गोयल ने कहा कि ज्यादातर लोग इस काम को लंबे समय के करियर के रूप में नहीं देखते। यह नौकरी कई लोगों के लिए अस्थायी समाधान या बीच के समय का विकल्प होती है। कई युवा और जरूरतमंद लोग तुरंत कमाई के लिए इससे जुड़ते हैं और जैसे ही उनकी आर्थिक जरूरत पूरी होती है, वे प्लेटफॉर्म छोड़ देते हैं। उन्होंने यह भी माना कि हर महीने कितने वर्कर्स आएंगे और कितने जाएंगे, इसका सटीक अनुमान लगाना कंपनी के लिए एक चुनौती बना रहता है।
Zomato अब भी मुनाफे का मजबूत स्तंभ
गोयल ने कंपनी के बिजनेस मॉडल पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि हालिया तिमाही तक फूड डिलीवरी Zomato का सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेट करने वाला सेगमेंट था, लेकिन अब क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit इस मामले में आगे निकल चुका है। इसके बावजूद, Zomato आज भी कंपनी के लिए सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला बिजनेस बना हुआ है। फूड डिलीवरी और Blinkit के अलावा, कंपनी ‘डिस्ट्रिक्ट’ के जरिए आउटिंग-आधारित बिजनेस और Hyperpure के तहत B2B ग्रोसरी सप्लाई सेगमेंट में भी सक्रिय रूप से काम कर रही है।