Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 05 May, 2025 02:07 PM

भारत अब तकनीक की दुनिया में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। जल्द ही देश का सबसे बड़ा क्वांटम कम्प्यूटर लॉन्च किया जाएगा, जिसे IBM और TCS मिलकर तैयार कर रहे हैं। यह क्वांटम कम्प्यूटर नेशनल क्वांटम मिशन के तहत आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में...
नेशनल डेस्क: भारत अब तकनीक की दुनिया में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। जल्द ही देश का सबसे बड़ा क्वांटम कम्प्यूटर लॉन्च किया जाएगा, जिसे IBM और TCS मिलकर तैयार कर रहे हैं। यह क्वांटम कम्प्यूटर नेशनल क्वांटम मिशन के तहत आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में स्थापित किया जाएगा। इस हाईटेक मशीन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह 156 क्यूबिट IBM Heron प्रोसेसर से लैस होगा, जो एक साथ करोड़ों टास्क को सुपरफास्ट स्पीड में पूरा करने में सक्षम होगा।
क्या है क्वांटम कम्प्यूटर और क्यों है खास?
क्वांटम कम्प्यूटर पारंपरिक कम्प्यूटर से कई गुना अधिक तेज होते हैं। जहां एक सामान्य कम्प्यूटर किसी समस्या को हल करने में घंटों लगाता है वहीं क्वांटम कम्प्यूटर वही काम कुछ ही सेकंड में कर सकता है। इसकी प्रोसेसिंग पावर क्वांटम बिट्स यानी "क्यूबिट्स" पर निर्भर करती है। भारत का यह नया क्वांटम कम्प्यूटर 156 क्यूबिट्स के साथ काम करेगा, जो अभी तक देश में किसी भी कम्प्यूटर में नहीं देखा गया।
IBM देगा हार्डवेयर, TCS बनाएगा सॉफ्टवेयर
इस प्रोजेक्ट में दो दिग्गज कंपनियां साथ आई हैं—अमेरिका की टेक्नोलॉजी दिग्गज IBM और भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS।
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IBM इस क्वांटम कम्प्यूटर का हार्डवेयर तैयार करेगा
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TCS इसके लिए खास एल्गोरिदम और एप्लिकेशन डेवलप करेगी
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दोनों मिलकर इसे भारत के विज्ञान, इंडस्ट्री और शिक्षा जगत की ज़रूरतों के अनुसार तैयार करेंगे
कहां होगा सेटअप? अमरावती बनेगा टेक्नोलॉजी हब
भारत सरकार ने इस क्वांटम कम्प्यूटर को आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में स्थापित करने का फैसला किया है। अमरावती में एक Quantum Valley Tech Park बनाया जा रहा है, जहां इस कम्प्यूटर को रखा जाएगा। इससे न केवल इस क्षेत्र को टेक्नोलॉजी हब के रूप में पहचान मिलेगी बल्कि आसपास के युवाओं को रोजगार और रिसर्च के नए अवसर भी मिलेंगे।
डिजिटल इंडिया का अगला कदम—नेशनल क्वांटम मिशन
भारत सरकार ने भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखते हुए नेशनल क्वांटम मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन के तहत क्वांटम कम्प्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग और क्वांटम मटेरियल पर फोकस किया जा रहा है। भारत का यह सबसे बड़ा क्वांटम कम्प्यूटर इसी मिशन का हिस्सा है। इसकी मदद से भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिफेंस, हेल्थकेयर और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
इंडस्ट्री और रिसर्च सेक्टर को मिलेगा जबरदस्त लाभ
यह क्वांटम कम्प्यूटर सिर्फ सरकार के लिए नहीं बल्कि देश की इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों के लिए भी वरदान साबित होगा।
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इससे साइंटिफिक रिसर्च में तेजी आएगी
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मेडिसिन, केमिस्ट्री और न्यूक्लियर रिसर्च में नई खोजें होंगी
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बैंकिंग और साइबर सिक्योरिटी को नई मजबूती मिलेगी
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अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र को एडवांस एनालिसिस और डाटा प्रोसेसिंग की सुविधा मिलेगी
ग्लोबल निवेश और नौकरियों के लिए आकर्षण बनेगा
भारत का यह कदम ना सिर्फ तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि इससे देश को हाई-एंड टेक्नोलॉजी जॉब्स और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट भी मिल सकता है। IBM के अनुसार, इस कम्प्यूटर में Qiskit सॉफ्टवेयर और अन्य आधुनिक रिसोर्स मौजूद होंगे जो इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।