Edited By Mansa Devi,Updated: 14 Feb, 2026 04:48 PM

अगर आप अक्सर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे या यमुना एक्सप्रेसवे जैसे हाईवे पर सफर करते हैं, तो अब आपकी जेब पर बोझ कम होने वाला है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे के टोल वसूली के पुराने फॉर्मूले में बदलाव करते हुए...
नेशनल डेस्क: अगर आप अक्सर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे या यमुना एक्सप्रेसवे जैसे हाईवे पर सफर करते हैं, तो अब आपकी जेब पर बोझ कम होने वाला है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे के टोल वसूली के पुराने फॉर्मूले में बदलाव करते हुए नया नियम लागू करने का ऐलान किया है। इसे “Pay as per Road Quality” यानी सड़क की गुणवत्ता के हिसाब से टोल भुगतान के रूप में लागू किया जाएगा। यह नियम 15 फरवरी से लागू हो जाएगा और इसके बाद कई एक्सप्रेसवे पर सफर करना तेज़, आसान और सस्ता होगा।
नया नियम क्या बदल रहा है
पहले एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन चालकों को सामान्य नेशनल हाईवे की तुलना में 1.25 से 1.5 गुना अधिक टोल देना पड़ता था। लेकिन नए फॉर्मूले के अनुसार अब टोल की दरें सड़क की गुणवत्ता और सुविधा के हिसाब से तय की जाएंगी। अगर किसी हिस्से में मरम्मत का काम चल रहा है या वहां सर्विस रोड नहीं है, तो उस हिस्से का टोल 50 प्रतिशत तक घटाया जाएगा। GPS आधारित टोलिंग (GNSS) की सुविधा शुरू की जा रही है। इसका मतलब है कि अब आप पूरे स्ट्रेच का पैसा नहीं भरेंगे, बल्कि जितनी दूरी आपने तय की है, सिर्फ उतना ही टोल आपके डिजिटल वॉलेट या बैंक अकाउंट से कटेगा।
कमर्शियल वाहनों को भी राहत
नए नियम से ट्रक और लॉजिस्टिक वाहनों को भी फायदा होगा। इन वाहनों के टोल दरों में 10-15 प्रतिशत की फ्लैट कटौती की गई है। इसका उद्देश्य महंगाई को कम करना और माल ढुलाई की लागत को नियंत्रित करना है।
आम यात्रियों के लिए आसान सफर
15 फरवरी से एक्सप्रेसवे का सफर न केवल सस्ता होगा, बल्कि यात्रियों को लंबी लाइन में टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल पेमेंट और स्मार्ट टोलिंग के जरिए अब वाहन की गति के आधार पर टोल सीधे कट जाएगा। साथ ही, एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए मंथली पास की दरों में भी भारी छूट दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से न केवल आम लोगों की यात्रा सस्ती और आसान होगी, बल्कि सामानों की ढुलाई भी किफायती होगी, जिससे बाजार में आवश्यक वस्तुओं के दामों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
किस रूट पर सबसे ज्यादा असर होगा
इस नई नीति का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दिखेगा। इन रूट्स पर टोल दरें अब नेशनल हाईवे के बराबर या उससे कम हो गई हैं, जिससे यात्रियों को लंबे सफर में वित्तीय राहत मिलेगी। 15 फरवरी से यह नियम लागू होने के बाद एक्सप्रेसवे यात्रा और भी स्मार्ट, तेज़ और किफायती बन जाएगी। ऐसे में यात्रियों को अपनी अगली ट्रिप की योजना पहले से बनानी चाहिए।