Edited By Radhika,Updated: 03 Feb, 2026 01:51 PM

कल तक जो अमेरिका भारत पर दबाव बनाने के लिए 50% तक टैरिफ लगा रहा था, आज वह अचानक नरम पड़ गया है। सोमवार, 2 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई फोन कॉल के बाद, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के एक ट्वीट—"Stay Tuned..."—ने पूरी...
India-US Trade Deal 2026: कल तक जो अमेरिका भारत पर दबाव बनाने के लिए 50% तक टैरिफ लगा रहा था, आज वह अचानक नरम पड़ गया है। सोमवार, 2 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई फोन कॉल के बाद, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के एक ट्वीट—"Stay Tuned..."—ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने टैरिफ में बड़ी कटौती का ऐलान कर दिया।
आखिर ट्रंप क्यों झुके? 3 मुख्य कारण
1. भारत-EU डील का 'मास्टरस्ट्रोक': विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के झुकने की सबसे बड़ी वजह भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) है। जब भारत ने यूरोप के साथ 'दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेड डील' साइन की, तो अमेरिका को डर सताने लगा कि वह भारत जैसे विशाल बाजार में पिछड़ जाएगा। अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत ट्रंप भारत को यूरोप के पाले में पूरी तरह जाते नहीं देख सकते थे।
2. रूस-यूक्रेन युद्ध और तेल की राजनीति: अमेरिका की एक बड़ी शर्त थी कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करे। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, भारत द्वारा रूसी तेल के आयात में 'भारी गिरावट' आई है। ट्रंप इस डील को अपनी जीत के रूप में पेश कर रहे हैं कि उन्होंने भारत को रूस से दूर कर दिया है।
3. चीन के खिलाफ मजबूत साझेदारी: पेंटागन और व्हाइट हाउस भारत को चीन के विकल्प के तौर पर एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहते हैं। रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को देखते हुए अमेरिका के लिए लंबे समय तक व्यापारिक युद्ध (Trade War) लड़ना घाटे का सौदा साबित हो रहा था।

डील की मुख्य बातें
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पहलू
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पहले की स्थिति
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नई डील के बाद
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प्रभावी टैरिफ
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50% (दंडात्मक शुल्क सहित)
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18%
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रूसी तेल
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भारी मात्रा में आयात
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आयात बंद करने पर सहमति (दावा)
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ऊर्जा विकल्प
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रूस पर निर्भरता
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अमेरिका और वेनेजुएला से खरीद
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अमेरिकी सामान
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उच्च आयात शुल्क
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भारत द्वारा जीरो टैरिफ की ओर कदम
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