Edited By Radhika,Updated: 26 Jan, 2026 05:58 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह पर बधाई देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं।
नेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह पर बधाई देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं। ट्रंप की शुभकामनाएं ऐसे वक्त आई हैं जब अमेरिका की व्यापार और शुल्क नीतियों सहित कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका की जनता की ओर से, मैं भारत सरकार और लोगों को उनके 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं।''
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं।'' ट्रंप का यह संदेश नयी दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत को शुभकामनाएं दीं और कहा कि दोनों देशों के बीच एक ‘‘ऐतिहासिक जुड़ाव'' है। उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर हमारे घनिष्ठ सहयोग से लेकर ‘क्वाड' के माध्यम से हमारी बहुस्तरीय भागीदारी तक, अमेरिका-भारत संबंध हमारे दोनों देशों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम प्रदान करते हैं।''
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रूबियो ने एक बयान में कहा कि वह साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के बाद भारत को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! भारत के संविधान और लोकतांत्रिक भावना के उत्सव, गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। भारतीय आकाश में अमेरिका निर्मित विमान को उड़ते देखकर रोमांचित हूं, जो अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी की शक्ति का एक सशक्त प्रतीक है।”
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परेड में अमेरिका निर्मित परिवहन विमान सी-130जे और अपाचे हेलीकॉप्टर सहित कई लड़ाकू विमान थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में भारी गिरावट आई, जिसमें रूसी तेल खरीद पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी शामिल था। शुल्क के अलावा, कई अन्य मुद्दों पर भी संबंध तनावपूर्ण है, जिनमें पिछले साल मई में ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने का दावा और अमेरिका की नयी आव्रजन नीति शामिल है।