Edited By Tanuja,Updated: 21 Jan, 2026 06:45 PM

अमेरिका द्वारा टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोपीय संघ से ‘ट्रेड बाज़ूका’ इस्तेमाल पर विचार करने को कहा है। यह कदम अमेरिका-यूरोप व्यापार युद्ध को नई दिशा दे सकता है।
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक बयानबाज़ी और टैरिफ बढ़ाने की धमकियों से यूरोपीय संघ (EU) सतर्क हो गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने EU से अमेरिका के खिलाफ सख्त व्यापारिक जवाबी कदम उठाने पर विचार करने को कहा है। मैक्रों ने जिस कदम का ज़िक्र किया, उसे अनौपचारिक रूप से “ट्रेड बाज़ूका” कहा जा रहा है। इसका आधिकारिक नाम एंटी-कोएरशन इंस्ट्रूमेंट (ACI) है। इस व्यवस्था के तहत EU उन देशों, कंपनियों या संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है, जो यूरोप पर आर्थिक या राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करें।
यदि ACI लागू किया गया, तो अमेरिकी कंपनियों को यूरोपीय बाजार में प्रवेश से रोका जा सकता है, EU के सरकारी टेंडरों से बाहर किया जा सकता है और विदेशी निवेश व आयात-निर्यात पर भी रोक लगाई जा सकती है। इससे अमेरिका को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। हालांकि, 27 सदस्य देशों वाले EU में फिलहाल फ्रांस के अलावा इस कदम को लेकर खास समर्थन नहीं है। दावोस में बोलते हुए मैक्रों ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने नए टैरिफ लगाए, तो EU को पहली बार ACI का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “यह पागलपन होगा कि हमें अपने सहयोगी अमेरिका के खिलाफ यह हथियार इस्तेमाल करना पड़े। बेहतर होता कि हम यूक्रेन में शांति पर ध्यान देते। लेकिन बेवजह की आक्रामकता हमें मजबूर कर सकती है।”
मैक्रों ने ACI को “बहुत शक्तिशाली हथियार” बताते हुए कहा कि आज के कठिन वैश्विक माहौल में इसे इस्तेमाल करने से हिचकना नहीं चाहिए। EU के नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में एक आपातकालीन शिखर बैठक करेंगे, जिसमें ट्रंप प्रशासन के साथ बढ़ते तनाव पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि ACI को 2021 में तैयार किया गया था, जब चीन ने ताइवान से रिश्तों के कारण लिथुआनिया के खिलाफ व्यापारिक प्रतिबंध लगाए थे। EU का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य डर पैदा कर दबाव की राजनीति को रोकना है।ACI को लागू करने में कम से कम छह महीने का समय लग सकता है। EU के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार 1.7 ट्रिलियन यूरो (करीब 2 ट्रिलियन डॉलर) का रहा। यूरोप अमेरिका को सबसे अधिक दवाइयां, कारें, विमान, रसायन, मेडिकल उपकरण और शराब निर्यात करता है।