उद्धव ठाकरे ने किया अनुच्छेद 370 पर फैसले का स्वागत, लेकिन बोले - क्या पीएम मोदी देंगे कश्मीरी पंडितों की वापसी की 'गारंटी'

Edited By Updated: 11 Dec, 2023 04:22 PM

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शिवेसना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अनुच्छेद-370 पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया और सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कश्मीरी पंडितों की घाटी में सुरक्षित वापसी की 'गारंटी' देंगे। ठाकरे ने शीर्ष अदालत के निर्देश के अनुरूप...

नेशनल डेस्क. शिवेसना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अनुच्छेद-370 पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया और सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कश्मीरी पंडितों की घाटी में सुरक्षित वापसी की 'गारंटी' देंगे। ठाकरे ने शीर्ष अदालत के निर्देश के अनुरूप जम्मू-कश्मीर में शीघ्र चुनाव कराने की भी मांग की। 

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उच्चतम न्यायालय ने सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखते हुए सोमवार को कहा कि यथाशीघ्र राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए और अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। ठाकरे ने यहां विधानभवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा- ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं। जब अनुच्छेद 370 हटाया गया तो हमने इस कदम का समर्थन किया था। हम अगले सितंबर तक चुनाव कराने के न्यायालय के निर्देश का भी स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि चुनाव जल्द होंगे और लोगों को स्वतंत्र माहौल में मतदान करने का मौका मिलेगा।'' 

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महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र इस समय राज्य की दूसरी राजधानी नागपुर में चल रहा है। ठाकरे ने कहा- हम यह भी उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को कश्मीर में मिला दिया जाएगा, ताकि वृहद कश्मीर में चुनाव हो, जो हमारे देश का अविभाज्य हिस्सा है।'' 

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कश्मीर पंडितों की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- "गारंटी शब्द प्रसिद्ध हो गया है। हम जानना चाहते हैं कि इसकी गारंटी कौन देगा कि कश्मीरी पंडित अब घर लौटेंगे और वोट देने के अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। क्या प्रधानमंत्री मोदी हमें इसकी गारंटी देंगे कि कश्मीरी पंडित सुरक्षित अपने गृह राज्य लौटेंगे?"


क्या है अनुच्छेद-370


धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार था लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिए केन्द्र को राज्य सरकार का समर्थन चाहिए होता था। हालांकि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद-370 को 5 अगस्त 2019 को हटा दिया गया था। अब कोर्ट ने इस अनुच्छेद को समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुना दिया है। 5 जजों की बेंच ने 'अनुच्छेद 370' को समाप्त करने के मोदी सरकार के फैसले को सही करार दिया है। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में विलय के साथ ही जम्मू कश्मीर ने अपनी संप्रभुता छोड़ दी थी। लिहाजा जम्मू-कश्मीर भारत के अन्य राज्यों की तरह ही है। 

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