Edited By Radhika,Updated: 08 Jan, 2026 06:11 PM

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। रमेश का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्रंप 2.0 प्रशासन के साथ करीबी संबंधों के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत इसके उलट है और हर...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। रमेश का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्रंप 2.0 प्रशासन के साथ करीबी संबंधों के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत इसके उलट है और हर दिन एक नई चुनौती सामने आ रही है।
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जयराम रमेश ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा-
जयराम रमेश ने 'X' पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री ट्रंप की जीत के बाद व्हाइट हाउस पहुंचने वाले शुरुआती नेताओं में से एक थे, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगी सीनेटर लिंडसे ग्राहम एक ऐसा बिल ला रहे हैं, जो रूस के साथ व्यापारिक संबंधों के कारण भारत पर भारी प्रतिबंध लगा सकता है। रमेश ने सीनेटर बर्नी मोरेनो के उस बिल का भी जिक्र किया, जिसमें उन अमेरिकी कंपनियों पर 25% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है जो भारत जैसे देशों को काम आउटसोर्स करती हैं। कांग्रेस नेता ने चिंता जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ कर रहे हैं, जो भारत के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।
'ऑपरेशन सिंदूर' और अमेरिकी हस्तक्षेप
जयराम रमेश ने पिछले साल (मई 2025) भारत और पाकिस्तान के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हुए सैन्य तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 10 मई 2025 को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हस्तक्षेप के बाद ही युद्ध जैसी स्थिति टली थी। रमेश के अनुसार, यह द्विपक्षीय संबंधों में एक 'नया एबनॉर्मल' (New Abnormal) दौर है, जिसे प्रधानमंत्री के 'तारीफों भरे पोस्ट' से नहीं सुधारा जा सकता।