Epstein Files Case में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को मिली 'क्लीन चिट' जांच एजेंसियों को अब तक नहीं मिले कोई सबूत

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 04:25 PM

union minister hardeep puri gets a clean chit in the epstein files case

भारत में एपस्टीन फाइल्स विवाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। इस मामले में घिरे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में मंत्री के खिलाफ किसी भी तरह की संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि का कोई...

नेशनल डेस्क: भारत में एपस्टीन फाइल्स विवाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। इस मामले में घिरे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में मंत्री के खिलाफ किसी भी तरह की संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला है। सूत्रों का कहना है कि सरकार द्वारा बिठाई गई जांच के शुरुआती दौर में ऐसे कोई भी सबूत सामने नहीं आए हैं, जो यह साबित करें कि केंद्रीय मंत्री किसी भी आपराधिक कृत्य या गलत गतिविधियों में शामिल थे। हालांकि जांच की प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, लेकिन वर्तमान रिपोर्टों से यह साफ हुआ है कि उन पर लगाए गए आरोपों का कोई ठोस आधार मौजूद नहीं है। 

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क्या है एपस्टीन फाइल्स और विवाद का जड़?

जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक कुख्यात अपराधी था, जिसकी मौत के बाद उससे जुड़े कानूनी दस्तावेजों (फाइल्स) ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। इन कागजातों में दुनिया के कई शक्तिशाली नेताओं, व्यापारिक दिग्गजों और नामचीन हस्तियों के नाम दर्ज हैं। भारत में इस सूची को लेकर उस वक्त विवाद बढ़ा जब विपक्षी दलों ने हरदीप सिंह पुरी का नाम आने पर जांच की मांग की और सरकार को घेरा। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नाम होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति ने कोई अपराध किया हो।

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हरदीप सिंह पुरी का पक्ष

केंद्रीय मंत्री ने शुरुआत से ही इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विवाद में उनका नाम दुर्भावनापूर्ण तरीके से घसीटा गया है। पुरी ने साफ किया कि उनका एपस्टीन से कभी कोई व्यक्तिगत या पेशेवर संबंध नहीं रहा।  उन्होंने कभी एपस्टीन के निजी द्वीप (प्राइवेट आईलैंड) की यात्रा नहीं की। वह जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और उन्हें देश की न्याय प्रणाली पर अटूट भरोसा है।

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राजनीतिक गहमागहमी जारी

इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहाँ विपक्ष ने इसे नैतिकता का मुद्दा बनाकर सरकार पर निशाना साधा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि बिना किसी प्रमाण के चरित्र हनन करना राजनीति का निम्न स्तर है। फिलहाल, शुरुआती जांच के परिणाम हरदीप सिंह पुरी के पक्ष में जाते दिख रहे हैं, जो उनके राजनीतिक कद के लिए एक बड़ी राहत है।

 

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