Edited By Mansa Devi,Updated: 25 Jun, 2025 05:07 PM

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बुधवार को उत्तराखंड दौरे के दौरान भावनात्मक क्षणों में स्वास्थ्य बिगड़ गया। हल्द्वानी के आर्मी हेलीपैड पर स्वागत के बाद वह कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
नेशनल डेस्क: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बुधवार को उत्तराखंड दौरे के दौरान भावनात्मक क्षणों में स्वास्थ्य बिगड़ गया। हल्द्वानी के आर्मी हेलीपैड पर स्वागत के बाद वह कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने 1989 में संसद में साथ रहे डॉ. महेंद्र सिंह पाल का नाम बार-बार लिया। जैसे ही मंच से उतरे, उन्होंने डॉ. पाल को गले लगा लिया। दोनों के बीच पुरानी यादें साझा हुईं और इसी भावुक क्षण में दोनों की आंखों से आंसू बहने लगे। भावनाओं का ऐसा ज्वार उमड़ा कि डॉ. पाल के गले लगते ही उपराष्ट्रपति खुद भी रोने लगे। यह दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए भी भावनात्मक क्षण बन गया।
हालांकि, इसी दौरान उपराष्ट्रपति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वहां मौजूद चिकित्सकीय दल ने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद धनखड़ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह के साथ राजभवन के लिए रवाना हुए। उपराष्ट्रपति का स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में है। इस घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्थाएं और भी सख्त कर दी गई हैं।
मुख्य बिंदु:
➤ कार्यक्रम में पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल से मिलते ही भावुक हुए धनखड़
➤ मंच से उतरकर पांच मिनट तक बातचीत की, फिर दोनों रो पड़े
➤ भावनात्मक क्षण के बाद उपराष्ट्रपति की तबीयत बिगड़ी
➤ डॉक्टरों ने मौके पर उपचार किया, फिर राजभवन रवाना हुए
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
इस घटना ने यह दिखाया कि देश के शीर्ष पदों पर बैठे लोग भी भावनाओं से अछूते नहीं होते। राजनीति के कठिन रास्ते पर पुराने साथियों की मुलाकात ने मानवीय संवेदनाओं को उजागर कर दिया।