Cancer Alert: अगर आपको दिख रहे हैं ये लक्षण तो न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती संकेत, जानें बचाव के उपाय

Edited By Updated: 13 Jan, 2026 11:50 AM

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कैंसर शरीर में असामान्य कोशिकाओं के बनने और तेजी से फैलने से होता है। चिकित्सकों के अनुसार शुरुआती लक्षण जैसे वजन कम होना, थकान, त्वचा पर बदलाव, सूजन या गांठ, आवाज में बदलाव, मुंह के छाले और पेशाब में असामान्यताएं समय रहते पहचानना जरूरी है।...

नेशनल डेस्कः कैंसर, शरीर में असामान्य कोशिकाओं के बनने और उनके बढ़ने की एक खतरनाक स्थिति है। ये कोशिकाएं शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को खत्म करने लगती हैं और तेजी से फैलने लगती हैं। कैंसर का प्रकार उस अंग से पहचाना जाता है, जहां पर यह कोशिकाएं पनपती हैं। जैसे, अगर मुंह में कैंसर की कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं, तो इसे मुंह का कैंसर कहा जाता है, और अगर पेट में उत्पन्न होती हैं, तो इसे पेट का कैंसर कहा जाता है। कैंसर की पहचान समय पर करने के लिए जरूरी है कि इसके प्रारंभिक लक्षणों को पहचाना जाए। अगर इन लक्षणों को शुरुआती अवस्था में पहचान लिया जाए, तो कैंसर का इलाज संभव हो सकता है।

वजन का अचानक कम होना
कैंसर के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है, जिससे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और बिना किसी प्रयास के वजन घटने लगता है।

त्वचा पर बदलाव और निशान
कैंसर के कारण त्वचा में बदलाव आने लगते हैं। त्वचा पर मस्सा, रंग में बदलाव, और रैशेज जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जो समय के साथ नहीं जातीं।

गांठ या सूजन का आना
शरीर के किसी हिस्से में अचानक से गांठ बन सकती है या सूजन हो सकती है, जो आसानी से ठीक नहीं होती।

थकान का महसूस होना
कैंसर के कारण शरीर में लगातार थकान महसूस होती है। यह स्थिति तब भी बनी रहती है, जब आप अच्छे से सोते हैं या उचित आहार लेते हैं।

आवाज में बदलाव
आवाज में अजीब सा बदलाव आ सकता है। खांसी, मुंह से हवा जैसी आवाज, या बोलते वक्त खून आना, ये सब कैंसर के संकेत हो सकते हैं।

मुंह के अंदर लक्षण
फेफड़ों या मुंह के कैंसर में मुंह के अंदर छाले, जीभ पर सफेद दाग, या अन्य बदलाव हो सकते हैं।

पेशाब और मलत्याग में बदलाव
पेशाब का रंग बदलना, मलत्याग में बदलाव आना, या पाचन तंत्र का ठीक से काम न करना, ये सभी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।

कैंसर के सामान्य प्रकार 

- स्तन कैंसर

- फेफड़ों का कैंसर

- प्रोस्टेट कैंसर

- आंतों का कैंसर

- ब्लड कैंसर

कैंसर क्यों होता है?

कैंसर एक जेनेटिक विकार (Genetic Disorder) है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हमेशा आनुवांशिक (Hereditary) हो। जब शरीर के कोशिकाओं में मौजूद जीन (Gene) अपने सामान्य कार्यों को सही तरीके से नहीं कर पाते और म्यूटेट (Mutate) हो जाते हैं, तो असामान्य कोशिकाएं बनने लगती हैं। ये कोशिकाएं जल्दी बढ़ने लगती हैं और कैंसर का रूप ले लेती हैं। कैंसर के ये ट्यूमर शरीर के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगते हैं, जैसे स्तन का कैंसर फेफड़ों तक फैल सकता है या पेट का कैंसर आंतों तक जा सकता है।

कैंसर का खतरा

- जिन लोगों के परिवार में किसी को कैंसर हो चुका है, उन्हें इस बीमारी का खतरा ज्यादा हो सकता है।


- धूम्रपान करने वालों को कैंसर होने का खतरा अधिक रहता है, खासकर फेफड़ों का कैंसर।


- यदि कोई व्यक्ति प्रदूषित और टॉक्सिक वातावरण में रहता है, तो उसे भी कैंसर होने का खतरा हो सकता है।


- जो लोग हार्मोनल थेरैपी से गुजर रहे होते हैं, उन्हें भी कैंसर का खतरा हो सकता है।


- शरीर में अगर पोषक तत्वों की कमी हो, तो कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।


- अधिक समय तक सूर्य की सीधी किरणों में रहने से त्वचा का कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।

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