Edited By Tanuja,Updated: 11 Oct, 2022 11:37 AM

ऑस्ट्रेलिया की यात्रा दौरान विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ संवाददाता सम्मेलन में रूस से रिश्ते को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा । जयशंकर ने भारत-...
कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया की यात्रा दौरान विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ संवाददाता सम्मेलन में रूस से रिश्ते को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा । जयशंकर ने भारत-रूस रिश्तों पर ऊंगली उठाने वाले देशों को जबरदस्त जवाब देते हुए कहा कि भारत के पास सोवियत व रूसी हथियार इसलिए अधिक हैं क्योंकि पश्चिमी देशों ने इस क्षेत्र में अपने पसंदीदा साथी के रूप में एक सैन्य तानाशाह (पाकिस्तान) को चुना और दशकों तक भारत को हथियारों की आपूर्ति नहीं की। उनका इशारा परोक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर था। जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से संबंध हैं, जिसने निश्चित तौर पर भारत के हितों को साधा है।
जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ हमारे पास सोवियत (अब विघटित हो चुके सोवियत संघ) और रूस निर्मित हथियार काफी अधिक हैं। इसके कई कारण हैं। आपको भी हथियार प्रणालियों के नफा-नुकसान पता हैं... और इसलिए भी कि कई दशकों तक पश्चिमी देशों ने भारत को हथियारों की आपूर्ति नहीं की, बल्कि हमारे सामने एक सैन्य तानाशाह को अपना पसंदीदा साथी बनाया।'' उन्होंने संभवत: पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए यह कहा, जो शीत युद्ध के दौरान अमेरिका नीत पश्चिम का करीबी सहयोगी था। पाकिस्तान के अस्तित्व में आने के बाद आधे से अधिक समय तक वहां सैन्य शासन रहा है।
जयशंकर ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हम सभी फैसले करते हैं, जो हमारे भविष्य के हित और हमारी मौजूदा स्थिति को प्रदर्शित करते हैं। और इस मौजूदा संकट के संदर्भ में मेरा मानना है कि इससे सीखने की जरूरत है तथा मैं आश्वस्त हूं कि सेना में मेरे पेशेवर सहकर्मी इसका बहुत सावधानी से अध्ययन कर रहे होंगे।'' एक ऑस्ट्रेलियाई संवाददाता ने जयशंकर से पूछा था कि यूक्रेन संकट की पृष्ठभूमि में क्या भारत रूसी हथियार प्रणालियों पर अपनी निर्भरता कम करेगा और रूस के साथ अपने संबंधों पर पुन:विचार करेगा।
इससे पहले अपनी न्यूजीलैंड यात्रा सम्पन्न करने के बाद ऑस्ट्रेलिया पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर सोमवार को यहां आस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक गए और शिमला में जन्मे भारतीय मूल के सैनिक नैन सिंह सैलानी सहित आस्ट्रेलिया के सशस्त्र बलों के सदस्यों की स्मृति में एक पुष्पचक्र अर्पित किया। सैलानी का जन्म शिमला में हुआ था। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान आस्ट्रेलियाई इंपेरियल फोर्स में सेवा दी थी।