भारत-अमेरिका ट्रेड विवाद: ट्रंप बोले— ‘PM मोदी मुझसे खुश नहीं’, रूसी तेल और टैरिफ को बताया वजह

Edited By Updated: 06 Jan, 2026 11:06 PM

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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे ज्यादा खुश नहीं हैं और इसकी वजह अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ हैं। ट्रंप ने...

इंटरनेशनल डेस्कः भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे ज्यादा खुश नहीं हैं और इसकी वजह अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ हैं। ट्रंप ने सीधे तौर पर इस तनाव को भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने से जोड़ा है।

अमेरिका में हाउस GOP मेंबर रिट्रीट को संबोधित करते हुए ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ अपनी बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन टैरिफ की वजह से खटास जरूर आई है।

रूसी तेल खरीद पर नाराज अमेरिका

ट्रंप ने कहा, “वह (पीएम मोदी) मुझसे बहुत खुश नहीं हैं, क्योंकि अब भारत को काफी ज्यादा टैरिफ देना पड़ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे रूसी तेल नहीं कर रहे थे… लेकिन अब उन्होंने रूस से तेल खरीद काफी हद तक कम कर दी है।” PTI के मुताबिक, ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25 फीसदी टैरिफ खास तौर पर रूस से तेल खरीदने से जुड़ा हुआ है। ट्रंप का कहना है कि यह कदम रूस पर दबाव बनाने और यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में उठाया गया है।

अपाचे हेलिकॉप्टर की डिलीवरी में देरी का मुद्दा

ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिकी रक्षा सौदों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका से 68 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर ऑर्डर किए थे, लेकिन उनकी डिलीवरी में देरी हो रही थी। ट्रंप के अनुसार, “भारत ने मुझसे कहा कि उन्हें अपाचे हेलिकॉप्टर के लिए पांच साल से इंतजार करना पड़ रहा है।” उन्होंने दावा किया कि अब इस समस्या को सुलझाया जा रहा है और डिलीवरी में आ रही रुकावटों को दूर किया जा रहा है।

टैरिफ को दबाव बनाने का हथियार मानते हैं ट्रंप

ट्रंप ने मंच से अपने टैरिफ नीति का बचाव भी किया। उनका कहना है कि इन टैरिफ से अमेरिका को आर्थिक फायदा हो रहा है और यह दूसरे देशों के व्यवहार को बदलने का एक तरीका है। उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर भारत रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर सहयोग नहीं करता, तो अमेरिका टैरिफ और बढ़ा सकता है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया है कि भारत सस्ता रूसी तेल खरीदकर मॉस्को को मजबूत कर रहा है, इसलिए उस पर कड़ी आर्थिक कार्रवाई जरूरी है।

रूस–यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थ बनने की कोशिश

ट्रंप ने खुद को रूस–यूक्रेन युद्ध में संभावित मध्यस्थ के तौर पर भी पेश किया है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की दोनों से बातचीत का दावा किया है, हालांकि अब तक किसी ठोस समाधान की घोषणा नहीं हुई है।

भारत ने ट्रंप के दावे को किया खारिज

भारत सरकार पहले ही ट्रंप के उस दावे को खारिज कर चुकी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने उनसे वादा किया था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। भारत की ओर से साफ किया गया था कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई और भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर ऊर्जा खरीद से जुड़े फैसले लेता है।

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