Edited By Pardeep,Updated: 08 Apr, 2026 10:15 PM

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है, जिसका प्रभाव एलपीजी (LPG) की सप्लाई पर भी पड़ा है। भारत में भी एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में यह सवाल अहम हो गया है कि देश के किन शहरों में एलपीजी की खपत सबसे ज्यादा होती है।
नेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है, जिसका प्रभाव एलपीजी (LPG) की सप्लाई पर भी पड़ा है। भारत में भी एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में यह सवाल अहम हो गया है कि देश के किन शहरों में एलपीजी की खपत सबसे ज्यादा होती है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर भारत के 5 बड़े शहर सामने आए हैं, जहां एलपीजी का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है।
चंडीगढ़—सबसे ज्यादा खपत वाला शहर
एलपीजी खपत के मामले में चंडीगढ़ देश में सबसे आगे है। यहां प्रति परिवार सालाना औसतन 9.6 सिलेंडर का उपयोग होता है, जो देश में सबसे अधिक है।
बेंगलुरु—आईटी हब में भी ज्यादा मांग
आईटी हब के रूप में मशहूर बेंगलुरु में भी एलपीजी की खपत काफी ज्यादा है। बड़ी संख्या में कामकाजी आबादी होने के कारण यहां गैस की मांग बढ़ी हुई है। कर्नाटक राज्य की कुल खपत में बेंगलुरु का बड़ा योगदान है, जहां प्रति परिवार सालाना लगभग 7 से 8 सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं।
चेन्नई—हर घर में LPG की पहुंच
चेन्नई में एलपीजी लगभग हर घर तक पहुंच चुका है और पारंपरिक खाना पकाने में इसका व्यापक उपयोग होता है। यहां प्रति परिवार औसतन 7 से 8 सिलेंडर सालाना खपत होती है, जबकि सरकारी योजनाओं के तहत 12 सिलेंडर तक की सुविधा उपलब्ध है।
मुंबई—PNG के बावजूद बनी हुई मांग
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी एलपीजी की मांग काफी अधिक है। हालांकि यहां पाइप्ड गैस (PNG) उपलब्ध है, फिर भी एलपीजी सिलेंडरों की खपत बनी हुई है। औसतन प्रति परिवार सालाना लगभग 8 सिलेंडर उपयोग किए जाते हैं।
दिल्ली—राजधानी में भी ऊंची खपत
राजधानी दिल्ली में प्रति परिवार औसतन 9.2 सिलेंडर की खपत दर्ज की गई है। उच्च शहरीकरण और घनी आबादी के कारण यहां एलपीजी की मांग काफी ज्यादा है। कोयला या लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधनों का इस्तेमाल लगभग न के बराबर है, जिससे लोग पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं।