Edited By VANSH Sharma,Updated: 13 Jan, 2026 09:36 PM

पंजाब में साइबर ठगी की घटनाएं पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही हैं, और अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि केंद्र सरकार ने राज्य को ‘हाई रिस्क जोन’ घोषित कर दिया है।
पंजाब डेस्क: पंजाब में साइबर ठगी की घटनाएं पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही हैं, और अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि केंद्र सरकार ने राज्य को ‘हाई रिस्क जोन’ घोषित कर दिया है। आम लोगों के साथ-साथ उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी इन ठगों की चालाकियों से अछूते नहीं रहे।
हाल ही में एक दुखद घटना सामने आई, जब पंजाब के एक पूर्व आई.जी. साइबर ठगी के शिकार होकर मानसिक रूप से परेशान हो गए और इस कष्ट से निजात पाने के लिए अपनी जान तक देने को मजबूर हुए।
पिछले 9 महीनों में पंजाब में कुल 157 अधिकारी जिनमें IAS, IPS, PCS और सेना के अधिकारी शामिल हैं साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं। इन ठगी मामलों में कुल लगभग 117 करोड़ रुपये की रकम खोई गई है। खासतौर पर 128 अधिकारी ऐसे थे, जो ‘पैसे दोगुना करने’ के लालच में ठगों के चक्कर में फंस गए।
ठगों ने अपनी चालाकी में कई तरीके अपनाए। कभी उन्होंने व्हाट्सएप पर अधिकारियों की तस्वीरें अपनी प्रोफाइल में लगाकर लोगों को धोखा दिया, तो कभी मोटी कमाई के लालच में निवेश करवाकर लोगों की मेहनत की कमाई हड़पी।
अब ठग डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) जैसे नए तरीके भी अपनाने लगे हैं। इसमें ये लोग खुद को केंद्रीय एजेंसियों या पुलिस के बड़े अधिकारियों के रूप में पेश कर लोगों को डराते और धमकाते हैं, ताकि उनसे पैसे ठग सकें। इसके अलावा पार्ट-टाइम जॉब के झांसे और अन्य झूठे प्रलोभनों के जरिए भी लोगों को फंसाकर ठगी की जा रही है।
केंद्र के गृह मंत्रालय ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पंजाब को साइबर अपराध के लिए हाई रिस्क जोन घोषित किया और राज्य सरकार को सतर्क रहने के लिए अलर्ट भेजा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सबसे जरूरी है कि लोग किसी भी डिजिटल लेन-देन या निवेश से पहले पूरी सावधानी बरतें और अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here