Edited By Ramanjot,Updated: 04 Apr, 2026 12:03 PM

480 kW क्षमता वाली 10 यूनिट्स के जरिए अब इलेक्ट्रिक कारें मात्र 30 मिनट में 80% तक चार्ज हो सकेंगी।
EV Cars : दिल्ली-NCR में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चलाने वालों के लिए अब चार्जिंग की टेंशन खत्म होने वाली है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर कॉरिडोर का सबसे बड़ा और सबसे एडवांस सुपरफास्ट ईवी चार्जिंग हब शुरू किया है। इस नई सुविधा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां आपकी इलेक्ट्रिक कार महज 30 मिनट में 80% तक चार्ज हो जाएगी।
480 kW क्षमता की 10 हाई-वोल्टेज यूनिट्स
आनंद विहार स्टेशन पर स्थापित यह नया चार्जिंग स्टेशन तकनीकी रूप से बेहद शक्तिशाली है। यहां 480 kW की कुल क्षमता वाली 10 हाई-वोल्टेज चार्जिंग यूनिट्स लगाई गई हैं। इसकी मदद से एक साथ 10 कारों को बिना स्पीड कम हुए सुपरफास्ट चार्ज किया जा सकता है। खास बात यह है कि यहां न सिर्फ छोटी कारें, बल्कि भारी कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी विशेष चार्जिंग पॉइंट्स की व्यवस्था की गई है।
पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया
NCRTC ने चार्जिंग के अनुभव को बेहद आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाया है। गाड़ी चार्ज करने के लिए यूजर्स को इन स्टेप्स का पालन करना होगा:
ElectreeFi ऐप: सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से इस मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर रजिस्टर करना होगा।
स्लॉट बुकिंग: ऐप के जरिए आप घर बैठे अपनी सुविधा अनुसार चार्जिंग स्लॉट बुक कर सकते हैं।
लाइव ट्रैकिंग: चार्जिंग के दौरान आप ऐप पर रियल-टाइम स्टेटस देख सकते हैं।
डिजिटल पेमेंट: पेमेंट की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सुरक्षित है।
इन 8 स्टेशनों पर भी उपलब्ध है सुविधा
आनंद विहार के साथ ही अब दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कुल आठ स्टेशनों पर ईवी चार्जिंग की सुविधा सक्रिय हो गई है। यूजर्स अब निम्नलिखित स्टेशनों पर फास्ट और स्टैंडर्ड चार्जिंग का लाभ उठा सकते हैं:
- आनंद विहार
- साहिबाबाद, गुलधर, दुहाई
- मुरादनगर, मोदीनगर (साउथ व नॉर्थ)
- मेरठ साउथ
ग्रीन ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
NCRTC का यह कदम न केवल नमो भारत के यात्रियों के लिए मददगार है, बल्कि उन लोगों के लिए भी राहत भरा है जो चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण ईवी खरीदने से डर रहे थे। यह पहल दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगी।