Edited By Parminder Kaur,Updated: 24 Sep, 2023 12:47 PM

टाटा मोटर्स की कारों की काफी अच्छी बिक्री होती है। हाल ही में कंपनी ने गुजरात के शहर सूरत में अपनी तीसरी registered vehicle scrapping facility (RVSF) की शुरुआत की है। यहां इसके संचालक के लिए कंपनी ने श्री अंबिका ऑटो के साथ साझेदारी की है। इस...
ऑटो डेस्क. टाटा मोटर्स की कारों की काफी अच्छी बिक्री होती है। हाल ही में कंपनी ने गुजरात के शहर सूरत में अपनी तीसरी registered vehicle scrapping facility (RVSF) की शुरुआत की है। यहां इसके संचालक के लिए कंपनी ने श्री अंबिका ऑटो के साथ साझेदारी की है। इस फैक्ट्री में विभिन्न कंपनियों के यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की स्क्रैपिंग की जाएगी, जिनका टाइम पूरा हो गया है। इससे पहले टाटा ने इसी साल मार्च में राजस्थान के जयपुर में पहली और इसके बाद ओडिशा के भुवनेश्वर में दूसरी फैक्ट्री शुरू की थी। इसके कारण हर साल 15 हजार से अधिक वाहनों की स्क्रैपिंग हो सकेगी।

टाटा मोटर्स ने बताया कि इस अत्याधुनिक फैक्ट्री का नाम 'रिसाइकल विद रिस्पेक्ट' (Re.Wi.Re) है और इसकी प्रति वर्ष की 15 हजार से अधिक वाहनों की स्क्रैपिंग की क्षमता है। यह सुविधा वाणिज्यिक और यात्री वाहनों के लिए सेल प्रकार और लाइन प्रकार के निस्तारण प्रक्रिया के साथ डिजिटलीकरण और दक्षता बढ़ाने में काफी मददगार होगी।
क्या है वाहन स्क्रैपेज नीति?
देश में वाहन स्क्रैपेज नीति को मार्च 2021 में पेश की गई थी। इसके अनुसार, 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों और 20 साल से अधिक पुराने यात्री वाहनों को स्क्रैप कराना जरूरी है। इन मानदंडों को पूरा करने वाले वाहनों को ब्रेक गुणवत्ता और इंजन प्रदर्शन और जैसे महत्वपूर्ण कारकों का मूल्यांकन करते हुए फिटनेस और उत्सर्जन टेस्ट से गुजरना पड़ता है। अगर वे इन टेस्ट में असफल हो जाते हैं तो उन्हें सड़क के लिए अनुपयुक्त माना जाता है।
