Edited By jyoti choudhary,Updated: 13 Jul, 2026 12:32 PM

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने लगातार चार महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में अबतक भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपए की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने...
नई दिल्लीः विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने लगातार चार महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में अबतक भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपए की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती धारणा से यह रुझान देखने को मिला है।
सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले जून में एफपीआई ने 49,340 करोड़ रुपए, मई में 32,963 करोड़ रुपए, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपए और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की थी। इस बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था।
हालांकि, जुलाई में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध निवेश किया है, लेकिन वर्ष 2026 में अब तक एफपीआई भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि में हुई 1.66 लाख करोड़ रुपए की निकासी से काफी अधिक है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि जुलाई में निवेश की वापसी वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति, इस महीने की शुरुआत में भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता घटने और भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति पर बढ़े भरोसे का परिणाम है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार और रुपए की स्थिरता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर कारोबार में कमजोरी तथा दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में एफपीआई की बिकवाली के कारण निवेश का एक हिस्सा भारत की ओर आया है।
हालांकि, श्रीवास्तव ने आगाह किया कि जुलाई में निवेश की यह मजबूत वापसी उत्साहजनक है लेकिन आगे एफपीआई निवेश का रुख वैश्विक परिस्थितियों और भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि की मजबूती पर निर्भर करेगा। इस बीच, ऋण या बॉन्ड बाजार में भी विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। जुलाई में एफपीआई ने पूर्ण पहुंच मार्ग (एफएआर) के तहत ऋण प्रतिभूतियों में 6,625 करोड़ रुपए तथा सामान्य मार्ग से 3,228 करोड़ रुपए का निवेश किया है।