SEBI Warns on Digital Gold: सेबी की चेतावनी के बाद डिजिटल गोल्ड मार्केट में हलचल, निकासी तीन गुना बढ़ी

Edited By Updated: 13 Nov, 2025 12:14 PM

digital gold market in turmoil after sebi warning withdrawals triple

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा डिजिटल सोने की योजनाओं पर चेतावनी जारी करने के बाद निवेशकों का भरोसा हिल गया है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में डिजिटल गोल्ड बेचने वाले फिनटेक प्लेटफॉर्मों से निवेशकों की निकासी दर लगभग...

बिजनेस डेस्कः भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा डिजिटल सोने की योजनाओं पर चेतावनी जारी करने के बाद निवेशकों का भरोसा हिल गया है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में डिजिटल गोल्ड बेचने वाले फिनटेक प्लेटफॉर्मों से निवेशकों की निकासी दर लगभग तीन गुना बढ़ गई है।

निवेशकों ने शुरू किया पैसा निकालना

सेबी ने 8 नवंबर को स्पष्ट किया था कि डिजिटल सोना उसकी नियामकीय सीमा से बाहर है यानी बाजार नियामक इन योजनाओं की भौतिक सोने की मौजूदगी या शुद्धता की पुष्टि नहीं कर सकता। इस बयान के बाद कई निवेशकों ने इन प्लेटफॉर्मों से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया।

एक फिनटेक कंपनी के संस्थापक ने बताया कि निवेशकों को अब यह समझ आने लगा है कि डिजिटल गोल्ड योजनाओं की कोई नियामक निगरानी नहीं है। भौतिक सोने की सुरक्षा और ऑडिट का कोई सरकारी प्रावधान नहीं है, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं।

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सेबी का स्पष्टीकरण: निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम

सेबी ने अपने बयान में कहा था कि डिजिटल गोल्ड को न तो प्रतिभूति (Security) के रूप में अधिसूचित किया गया है और न ही यह कमोडिटी डेरिवेटिव की श्रेणी में आता है। ऐसे में यह पूरी तरह से सेबी के दायरे से बाहर है और निवेशकों के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है। 

निवेशकों का रुख ईटीएफ की ओर मुड़ा

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अब निवेशकों का रुझान गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (Exchange-Traded Funds) की ओर बढ़ सकता है क्योंकि ये उत्पाद नियामित हैं और सेबी इनके नियमित ऑडिट करती है। एक विशेषज्ञ ने कहा, “डिजिटल गोल्ड में निवेश पर जीएसटी और कमीशन जैसी लागतें हैं, जबकि ईटीएफ अपेक्षाकृत सस्ते और सुरक्षित हैं।” वहीं, फिनटेक कंपनियां अपनी सफाई में कह रही हैं कि वे अधिकृत गोल्ड लॉजिस्टिक्स पार्टनरों के साथ काम करती हैं और केवल एक तकनीकी मंच के रूप में निवेशकों को सुविधा देती हैं।

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लोकप्रिय ऐप्स पर भी असर, निवेशक हुए सतर्क

जार, गुल्लक, पेटीएम और फोनपे जैसे प्लेटफॉर्मों पर छोटे निवेशक अक्सर डिजिटल सोने में छोटी-छोटी रकम लगाते रहे हैं। मगर सेबी की चेतावनी के बाद अब निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं और बाजार का ध्यान नियामित विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहा है।

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