Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Jan, 2026 04:18 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी और फ्रांस द्वारा पीस बोर्ड में शामिल होने से इनकार के चलते एक बार फिर वैश्विक शेयर बाजारों में हाहाकार मच गया है। इस वैश्विक उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। मंगलवार को...
बिजनेस डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी और फ्रांस द्वारा पीस बोर्ड में शामिल होने से इनकार के चलते एक बार फिर वैश्विक शेयर बाजारों में हाहाकार मच गया है। इस वैश्विक उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। मंगलवार को सेंसेक्स 1065.71 की गिरावट के साथ 82,180.47 पर बंद हुआ। लगातार दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल मिलाकर 1,300 अंकों से अधिक टूट चुका है। वहीं निफ्टी 50 में 353 अंकों की गिरावट आई। इस गिरावट के साथ निफ्टी 25,232.50 अंक पर बंद हुआ। इस भारी गिरावट के चलते मंगलवार को ही निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपए डूब गए, जबकि दो दिनों में कुल नुकसान 11.50 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया।
इन 10 वजहों से बिखरा शेयर बाजार
ट्रेड वॉर की आशंका – अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर नई अनिश्चितता से वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर की चिंता फिर गहरा गई।
FII की लगातार बिकवाली – विदेशी निवेशकों ने सोमवार को 3,262 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बना।
तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजे – विप्रो के कमजोर आउटलुक ने आईटी सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
कमजोर वैश्विक संकेत – एशियाई बाजारों में जापान, चीन और हांगकांग के सूचकांक लाल निशान में रहे।
भारत VIX में उछाल – बाजार की अस्थिरता का संकेतक इंडिया VIX 4 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 12.34 पर पहुंच गया।
रुपए में कमजोरी – डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे टूटकर 90.98 पर आ गया।
ट्रंप टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का इंतजार – अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को लेकर निवेशक सतर्क हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी – ब्रेंट क्रूड 64 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।
निफ्टी की वीकली एक्सपायरी – एक्सपायरी के चलते बाजार में तेज उतार-चढ़ाव रहा।
सरकारी बैंकों में बिकवाली – पीएसयू बैंक इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा लुढ़का।
निवेशकों को ₹9 लाख करोड़ का झटका
शेयर बाजार में आई गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। बीएसई का कुल मार्केट कैप सोमवार के 4,65,68,777 करोड़ रुपए से घटकर मंगलवार को 4,57,15,068 करोड़ रुपए रह गया यानी एक ही दिन में निवेशकों को करीब 9,02,669 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं दो दिनों की गिरावट में निवेशकों की कुल चपत 11.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच चुकी है।