GST सुधारों से हीरे और आभूषण क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी: GJEPC

Edited By Updated: 06 Sep, 2025 03:47 PM

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रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी प्रणाली में किए गए सुधारों से हीरे और आभूषण क्षेत्र को काफी राहत मिली है। जीजेईपीसी ने एक बयान में कहा कि 'हीरा अग्रिम प्राधिकार योजना' (डीआईएएस) के तहत 25 सेंट तक के...

बिजनेस डेस्कः रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी प्रणाली में किए गए सुधारों से हीरे और आभूषण क्षेत्र को काफी राहत मिली है। जीजेईपीसी ने एक बयान में कहा कि 'हीरा अग्रिम प्राधिकार योजना' (डीआईएएस) के तहत 25 सेंट तक के प्राकृतिक तराशे और पॉलिश किए हुए हीरों के आयात को आईजीएसटी (पहले 18 प्रतिशत) से छूट देने से कार्यशील पूंजी का दबाव कम होगा और छोटे हीरे के प्रसंस्करण में लगे निर्माताओं एवं निर्यातकों को मदद मिलेगी।

इसके अलावा आभूषण बक्सों पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने से खुदरा विक्रेताओं और निर्यातकों की लागत कम होगी। साथ ही पैकेजिंग और उपहार देना उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती हो जाएगा जिससे व्यवसायों और खरीदारों दोनों को लाभ होगा। 

जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने कहा, ‘‘ये उपाय घरेलू मांग को बढ़ावा देंगे और हमारी निर्यात आपूर्ति श्रृंखलाओं को सहारा देंगे जो वैश्विक चुनौतियों के कारण दबाव में हैं।'' उन्होंने कहा कि हीरा एवं आभूषण क्षेत्र यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आभूषण बक्सों की कम लागत सहित सभी लाभ पारदर्शी तरीके से भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाएं जिससे विश्वास मज़बूत हो और उद्योग की दीर्घकालिक वृद्धि को बढ़ावा मिले। बयान के मुताबिक, जीजेईपीसी को विश्वास है कि ये उपाय व्यापक लाभ प्रदान करेंगे, जिससे भारतीय हीरा एवं आभूषण क्षेत्र के घरेलू विकास और निर्यात लचीलेपन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

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